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मप्र परिवहन विभाग ने तीन महीने में खत्म की ढाई लाख डुप्लिकेट प्रविष्टियां

मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने विगत तीन महीनों में डुप्लिकेट प्रविष्टि वाले सभी प्रकरणों का निराकरण कर दिया है। जुलाई 2025 तक प्रदेशभर में लंबित डुप्लिकेट प्रविष्टि के ढाई लाख से अधिक प्रकरणों को अभियान चलाकर सही कर दिया है। मप्र में अब डुप्लिकेट प्रविष्टि के लंबित प्रकरणों की संख्या शून्य हो गई है। 

क्या है डुप्लिकेट प्रविष्टि 

अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत वाहनों के दूसरे राज्यों में स्थानांतरण के बाद उन राज्यों के परिवहन अधिकारियों द्वारा वाहन संबंधी एंट्री को भौतिक रूप से कार्रवाई कर बाद में उसे डिजीटाइज तो किया जाता है। लेकिन इस ऑनलाइन एंट्री के बाद पूर्व से दूसरे राज्यों में वहां के परिवहन अधिकारियों द्वारा वाहन की ऑनलाइन एंट्री को निरस्त नहीं किया जाता है। इसलिए ऑनलाइन वाहन का दो राज्यों में पंजीयन प्रदर्शित होता है। इससे वाहन मालिक को पंजीयन स्थानांतरित कराए गए राज्य में भी परिवहन विभाग की सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। देशभर में इस तरह की डबल प्रविष्टि वाले वाहनों की संख्या 35 लाख से अधिक थी। जबकि जुलाई माह के अंत तक मप्र में ऐसी लगभग 2.25 लाख प्रविष्टियां थीं। 

परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चला विशेष अभियान 

परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में डबल प्रविष्टि वाले प्रकरणों के निराकरण के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की गई। प्रत्येक पखवाड़े में वरिष्ठ स्तर से प्रकरणों की समीक्षा की जाती रही। इस तरह विगत तीन महीनों में मप्र में डिप्लीकेट प्रविष्टियों के सभी लंबित प्रकरण खत्म हो गए हैं। इस तरह मप्र वाहन पंजीयन की डुप्लिकेट प्रविष्टियों को शून्य करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है।