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नगर निगम उपायुक्त के कार्यालय में लोकायुक्त का छापा, रिश्तेदारों की फर्मों में फर्जी भुगतान की शिकायत पर हुई कार्रवाई, हार्डडिस्क जब्त

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भोपाल। एक शिकायत के आधार पर लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को नगर निगम भोपाल के अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवितकर एवं अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए निगम के दो कार्यालयों पर एक साथ छापा मारा। कार्यवाही फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और लिंक रोड नंबर-2 पर बने मुख्य कार्यालय में एक साथ हुई। छापे के दौरान जांच पड़ताल और कर्मचारियों के पूछताछ के बाद लोकायुक्त टीम ने अपर आयुक्त गुणवंत सेवितकर सहित अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं भादंवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। 

एसपी लोकायुत को यह मिली थी शिकायत 

लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत मिली थी कि अपर आयुक्त (वित्त) नगर निगम भोपाल गुणवंत सेवितकर ने निगम के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर नगर निगम भोपाल में केन्द्रीय कर्मशाला/मोटर वर्कशॉप में गाडिय़ों के रंग, अन्य मरम्मत कार्य, जल कार्य विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के बगैर कार्य कराए फर्जी ई-बिल तैयार करके ‘सेप’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से करोड़ों के फर्जी भुगतान किए हैं। बिलों में हेरफेर कर विभिन्न मद और नए मद बनाकर, बिना कराए कामों की राशि अपने परिचितों, रिश्तेदारों की बनाई फर्मों में स्थानांतरित करते हैं। फर्जी बिलों का भुगतान कर कमीशन की राशि प्राप्त करते हैं। नगर निगम द्वारा संचालित वाहनों की मरम्मत के फर्जी बिल बनाकर भुगतान कर कमीशन लेते हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त) दुर्गेश राठौर ने आरोपियों पर आर्थिक अपराध सहित धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया। 

सर्वर सेंटर से जब्त किया सॉफ्टवेयर 

लोकायुक्त टीम ने न्यायालय से सर्व वारंट लेकर नगर निगम भोपाल के सर्वर सेंटर की पड़ताल की। टीम ने यहां से ‘सिस्टम एप्लीकेशन एण्ड प्रोडक्ट्स इन डाटा प्रोसेसिंग’ (सेप) सॉफ्टवेयर की हार्डडिस्क जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।