Breaking News:

• देर रात मप्र के आईपीएस की बड़ी तबादला सूची जारी, स्पेशल डीजी से लेकर सीएसपी स्तर के 62 अधिकारी स्थानांतरित देखें सूची • 18 साल के राजनीतिक वनवास के बाद यदुवंशी की जै जै .... • किसी को खराब प्रदर्शन की सजा तो किसी को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का इनाम, आधी रात के बाद जारी की 62 आईपीएस अधिकारियों की स्थानांतरण सूची • पूर्व विधायक रेखा यादव अध्यक्ष, साधना सदस्य नियुक्त,6 साल बाद राज्य महिला आयोग में हुई नियुक्तियां • अर्थियां सजाकर मंत्री निवास को निकले, पुलिस ने रोका तो की धक्कामुक्की, जबलपुर की क्रूज दुर्घटना को लेकर युवा कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन • भोपाल जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग 15-17 मई को, पार्टी नेताओं ने देखा प्रशिक्षण स्थल, कामकाजी बैठक में की समीक्षा
मध्यप्रदेश

Image Alt Text

उज्जैन में रेलवे पुल से नदी में गिरी क्रेन, भोपाल मार्ग की कई ट्रेन प्रभावित

मध्यप्रदेश

भोपाल/उज्जैन उज्जैन जिले के तरना रोड स्थित पुराने रेलवे पुल पर मरम्मत कार्य के दौरान एक बड़ी दुर्घटना हो गई। शुक्रवार सुबह जब गार्डर बदलने के लिए भारी क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से पूरी क्रेन गार्डर सहित सीधे नदी में गिर गई। यह घटना उज्जैन से मात्र 30 किलोमीटर दूर टिल्लर नंदी क्षेत्र में हुई, जहां भोपाल-उज्जैन रेल लाइन गुजरती है। हादसे की तीव्रता इतनी थी कि आसपास अफरा-तफरी मच गई और रेलवे प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया. राहत की बात यह रही कि क्रेन चालक समेत सभी मजदूर सुरक्षित बच गए, लेकिन पुल की मरम्मत कार्य रुक गया और भोपाल रूट पर ट्रेनें प्रभावित हो गईं। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इससे पहले भी मध्य प्रदेश में ऐसे हादसे हो चुके हैं। 

दुर्घटना गुरुवार से शुरू हुए गार्डर बदलने के काम का हिस्सा थी। पुराने रेल पुल को मजबूत बनाने के लिए रेलवे ने क्रेन की मदद से पुराने गार्डर हटाकर नए लगाने का काम शुरू किया था। शुक्रवार को जब क्रेन गार्डर को उठा रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और भारी मशीन नदी में जा गिरी। हादसे से आसपास के लोग दहशत में आ गए। रेलवे ने तुरंत राहत दल भेजा और क्रेन को निकालने का काम शुरू कर दिया। हालांकि सावधानी के तौर पर एक ब्रिज को बंद कर दिया गया, जिससे भोपाल-उज्जैन रूट की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें डायवर्ट की गईं या देरी से चल रही हैं। यह घटना रेलवे के लिए चेतावनी है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।