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ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र बनवाने में रुचि नहीं ले रहे सामान्य वर्ग के गरीब

मध्यप्रदेश

एक साल में अजा-अजजा के 6.42 लाख, ओबीसी के 4.32 लाख, सामान्य वर्ग के 1.80 लाख ने ही किया आवेदन

भोपाल, । ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस मूलमंत्र के साथ जनवरी, 2019 में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण के लाभ को लेकर इस वर्ग के हितग्राही पूरी तरह उदासीन नजर आ रहे हैंं। आरक्षण के लाभ के लिए जरूरी जाति अथवा ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र का आंकड़ा बताता है कि वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के कुल 6 लाख, 42 हजार 936 लोगों ने आवेदन किया। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 4 लाख 32 हजार, 875 आवेदन किए गए। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के हितग्राहियों की ओर से आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र के लिए कुल 1 लाख 80 हजार 602 लोगों ने ही आवेदन किया। इनमें से भी 24,373 आवेदन अमान्य कर दिए गए। 

मप्र में अनुमानित ढाई करोड़ से अधिक ईडब्ल्यूएस 

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के वर्ष 2023 के आंकड़ों के अनुसार मप्र को भारत का चौथा सबसे गरीब राज्य माना गया। वहीं सामान्य वर्ग के गरीब लोगों की अनुमानित संख्या 2.50 करोड़ है।हालांकि यूएनडीपी की हाल में जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी उन्मूलन की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है और भारत 193 देशों और क्षेत्रों में 130वें स्थान पर पहुंचा है। इस सुधार में मप्र का भी महत्वपूर्ण योगदान माना जा सकता है। 

परीक्षण के बाद तहसीलों से जारी होता है प्रमाण पत्र

सामान्य वर्ग के गरीब नागरिकों को ‘ईडब्ल्यूएस’ प्रमाण पत्र तहसीलदर के माध्यम से दिए जाते हैं। शहरों में ‘ई-मित्र’ पोर्टल से लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से आवेदन ऑनलाइन करना होता है। आवेदन के समय आवेदन में निजी आय और आय के स्रोत से संबंधित जरूरी दस्तावेज, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज शपथ पत्र के साथ संलग्न करने होते हैं।  यहां से आवेदन संबंधित तहसील में पहुंचता है। दस्तावेजी सत्यापन के बाद यहां से ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। प्रमाण पत्र की मूल कॉपी लोक सेवा केन्द्र से लेनी होती है। 

यह हैं ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की शर्तें

- आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। 

- आवेदक के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए। 

- आवेदक के पास अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज से अधिक का आवासीय भूखंड और गैर-अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 200 वर्ग गज से अधिक का आवासीय भूखंड नहीं होना चाहिए। 

- आवेदन के साथ आधार कार्ड, पहचान पत्र या पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, स्वयं घोषणा पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज 

ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र से क्या-क्या लाभ 

- आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। 

- ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र धारक छात्र-छात्रा सरकारी अथवा निजी महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षक का लाभ ले सकते हैं। 

- ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र से सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के लिए आवेदन में लाभ मिलता है।