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हर अतिथि के सत्कार पर खर्च हुआ 78 हजार रुपये
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मध्यप्रदेश में हर दिन हुआ दो-तीन राज्य अतिथियों का स्वागत
भोपाल। मध्यप्रदेश लोग ही नहीं, राज्य की सरकार भी अतिथि का सत्कार दिल खोलकर करती है। इसी आतिथ्य परंपरा के क्रम में पिछले वर्ष एक साल में मप्र में कुल 962 राज्य अतिथियों एवं विशिष्ट महानुभावों का आगमन हुआ। जिनके सत्कार पर सरकार ने 7.50 करोड़ रुपये खर्च किए।
उल्लेखनीय है कि मप्र के राज्य अतिथियों और विशिष्टजनों के मप्र में भ्रमण कार्यक्रम का पूरा खर्च सरकार उठाती है। शासन द्वारा घोषित राज्य अतिथि के स्वागत से लेकर विदायी तक उसके आवास, परिवहन, भोजन एवं सुरक्षा आदि सभी प्रोटोकॉल सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत राज्य सत्कार शाखा द्वारा दिया जाता है। राज्य सरकार ने राजय अतिथियों की सत्कार व्यवस्था के लिए शाखा को वित्तीय वर्ष 2024-25 में ‘आतिथ्य व्यय’ मद में कुल 7.50 करोड़ रुपये का बजट दिया था। शाखा के अनुसार अतिथियों के सत्कार और व्यवस्थाओं पर पूरी राशि खर्च की गई। इस तरह राज्य में में 1 जनवरी 2024 से 31 दिसम्बर 2025 तक एक साल में प्रत्येक अतिथि के सत्कार और व्यवस्थाओं पर अनुपातिक रूप में करीब 78 हजार रुपये खर्च हुए।
राज्य और जिला स्तर पर भी सत्कार अधिकारी
राज्य और जिला स्तर पर आने वाले अति विशिष्ट अतिथियों के स्वागत और व्यवस्था के लिए राज्य के अलावा जिला स्तर पर भी सत्कार शाखा है। राज्य प्रशासनिक सेवा के स्थानीय अधिकारी को जिला सत्कार अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है। जिले में किसी भी विशिष्ट अतिथि के आने पर सत्कार सहित जरूरी व्यवस्थाएं उन्हें करानी होती हैं। सत्कार व्यवस्था में अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों को व्यवस्थाएं सौंपी जाती हैं।
दो श्रेणी के राज्य अतिथि, सुविधा अलग-अलग
राज्य अतिथि ‘श्रेणी-ए’: भारत के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, केन्द्रीय केबिनेट, राज्य एवं उप मंत्री, केन्द्रीय एवं राज्यों के संसदीय सचिव, राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री, उप मंत्री, उपाध्यक्ष योजना आयोग, नेता प्रतिपक्ष लोकसभा और राज्यसभा, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश सहित पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्य न्यायाधीश सहित केन्द्रीय पदों व विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण पदों पर आसीन व पूर्व गणमान्य जनों के 35 पदों को इसमें शामिल किया गया है।
राज्य अतिथि ‘श्रेणी-बी’ : इसमें दूसरे राज्यों की विधानसभा, विधान परिषद व केन्द्र शासित प्रदेशों के नेता प्रतिपक्ष, उप सभापति व उपाध्यक्ष-राज्य विधान परिषद, शासकीय प्रयोजन से भ्रमण पर आने वाली संसदीय समिति, अध्यक्ष इसके अलावा विभिन्न केन्द्रीय आयोगों, प्राधिकारण, समितियों के अध्यक्ष, सचिव व सदस्यों, ऐसे अधिकारी जो केन्द्रीय सचिव स्तर, केन्द्र सरकार द्वारा अनुशंसित विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को रखा गया हे।
सत्कार शाखा के प्रमुख दायित्व
- राज्य अतिथि घोषित करना और उनकी अगवानी विदाई तथा उनके आतिथ्य से संबंधित अन्य व्यवस्था करना।
- अति विशिष्टजन के प्रदेश भ्रमण पर अगवानी, विदाई, परिवहन व्यवस्था आदि।
- शासकीय भोज के आयोजन पत्र के निमंत्रण संबंधी व्यवस्था एवं विशिष्ट अतिथि गृह और विश्राम गृह में कक्षों का आरक्षण करना।
- विभिन्न राज्यों के सत्कार कार्यालयों से समन्वय करना।
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