Breaking News:

• देर रात मप्र के आईपीएस की बड़ी तबादला सूची जारी, स्पेशल डीजी से लेकर सीएसपी स्तर के 62 अधिकारी स्थानांतरित देखें सूची • 18 साल के राजनीतिक वनवास के बाद यदुवंशी की जै जै .... • किसी को खराब प्रदर्शन की सजा तो किसी को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का इनाम, आधी रात के बाद जारी की 62 आईपीएस अधिकारियों की स्थानांतरण सूची • पूर्व विधायक रेखा यादव अध्यक्ष, साधना सदस्य नियुक्त,6 साल बाद राज्य महिला आयोग में हुई नियुक्तियां • अर्थियां सजाकर मंत्री निवास को निकले, पुलिस ने रोका तो की धक्कामुक्की, जबलपुर की क्रूज दुर्घटना को लेकर युवा कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन • भोपाल जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग 15-17 मई को, पार्टी नेताओं ने देखा प्रशिक्षण स्थल, कामकाजी बैठक में की समीक्षा
विशेष

Image Alt Text

आपके "पेट माफिया" ने इस बार जिसे ट्रेक्टर से कुचलकर मार डाला, वो गूजर का छोरा था , अब तो सच स्वीकार लो मंत्री जी "

विशेष

भोपाल/मुरैना। चंबल के रेत माफिया ने फिर एक जवान (फॉरेस्ट गार्ड) को कुचलकर मार डाला। एक स्थानीय सीट से विधायक और राज्य सरकार के मंत्री एदल सिंह कंसाना के साल भर पहले मार्च 2025 में दिए गए बयान को सच  मानें तो यह हत्या भी "रेत माफिया" ने नहीं "पेट माफिया" ने ही की है। अवैध खनन माफिया द्वारा हत्या का ये पहला मामला नहीं है। चंबल का खनन माफिया इससे पहले ips नरेंद्र कुमार सिंह की 8 मार्च 2012 में हत्या के बाद सबसे अधिक चर्चाओं में आया था। इसके बाद शासकीय अधिकारियों - कर्मचारियों पर माफिया के हमले थामे नहीं बल्कि तेजी से बढ़ते चले गए। राजनीतिक संरक्षण में माफिया बेखौफ होकर फलता - फूलता रहा। निर्मल बहती चंबल मशीनों से खुरची जाती रही।  घड़ियालें और एक सैकड़ा डॉल्फिन के अस्तित्व पर खतरा मंडराता रहा है । इसकी शिकायतें भी हुई और ngt आक्रोशित होता रहा। लेकिन यहां ngt नहीं नेताजी की चलती है जो रेत माफिया को सजा नहीं, पेट माफिया कहकर सहानुभूति परोसते हैं। मुरैना ही नहीं पूरा चंबल अंचल जनता है कि माफिया के पीछे कौन है और इसका कितना हिस्सा किसके पास जाता है। फिर भी जनता का  प्रतिनिधि और सरकार का हिस्सा होकर इतना गैर जिम्मेदाराना बयान, जिसे संघटन और सरकार भी इतनी आसानी से पचा गए कि विश्वास नहीं होता। लेकिन इस बार मुरैना की जनता और मंत्रीजी के सजातीय भी पूछ रहे हैं ? हरिकेश गुर्जर को मारने वाला भी क्या पेट माफिया है? क्या इस मौत के बाद चंबल के अवैध दोहन पर रोक लगाने के लिए दो  शब्द बोलेंगे? या यूं ही लाशें बिछाकर आपका पेट माफिया आपके लिए रोटियों (या नोटियों) की व्यवस्था में जुटा रहेगा। 

"दिवंगत हरिकेश को मेरी ओर से श्रद्धांजलि" ॐ शांति