Breaking News:

• देर रात मप्र के आईपीएस की बड़ी तबादला सूची जारी, स्पेशल डीजी से लेकर सीएसपी स्तर के 62 अधिकारी स्थानांतरित देखें सूची • 18 साल के राजनीतिक वनवास के बाद यदुवंशी की जै जै .... • किसी को खराब प्रदर्शन की सजा तो किसी को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का इनाम, आधी रात के बाद जारी की 62 आईपीएस अधिकारियों की स्थानांतरण सूची • पूर्व विधायक रेखा यादव अध्यक्ष, साधना सदस्य नियुक्त,6 साल बाद राज्य महिला आयोग में हुई नियुक्तियां • अर्थियां सजाकर मंत्री निवास को निकले, पुलिस ने रोका तो की धक्कामुक्की, जबलपुर की क्रूज दुर्घटना को लेकर युवा कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन • भोपाल जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग 15-17 मई को, पार्टी नेताओं ने देखा प्रशिक्षण स्थल, कामकाजी बैठक में की समीक्षा
राजधानी

Image Alt Text

27 अप्रैल को होगा मप्र विधानसभा का विशेष सत्र, अधिसूचना जारी, महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में प्रस्ताव पास कराएगी सरकार

राजधानी

भोपाल। संसद में एक तिहाई बहुमत से पास नहीं हो सके ‘नारी शक्ति वंदन’अधिनियम के समर्थन में, ‘नारी शक्ति वंदन-महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तिकरण’ पर चर्चा के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आगामी 27 अप्रैल को होगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार एक दिवसीय सत्र प्रात: 11 बजे से शुरू होगा और अध्यक्ष द्वारा अन्यथा निर्देश जारी नहीं किए जाने की स्थिति में अपरान्ह 1.30 बजे तक और अपरान्ह 3 बजे से शाम 5.30 बजे तक रहेगा। 

उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व पत्रकारवार्ता में और सोमवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में इस पर चर्चा के लिए मप्र विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात कही थी।

विधायकों के लिए नियम-निर्देश जारी 

एक दिवसीय सत्र के लिए मप्र विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों (विधायकों) के पालनीय नियम जारी किए हैं। निर्देशों में नियम 251 का विशेष उल्लेख किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सदस्य किसी ऐसे तथ्य-विषय का निर्देश नहीं करेगा, जिस पर न्यायिक विनिश्चय लंबित हो। किसी सदस्य के विरुद्ध व्यक्तिगत दोषारोपण नहीं करेगा। संसद या किसी राज्य विधान मण्डल की कार्यवाही के संचालन के विषय में आपत्तिजनक पदावली का उपयोग नहीं करेगा। सभा के किसी निर्णय पर उसे रद्द करने के प्रस्ताव को छोडक़र अन्य प्रकार के आक्षेप नहीं करेगा, उच्च प्राधिकार वाले व्यक्तियों के आचरण पर आक्षेप नहीं करेगा जब तक की चर्चा उचित रूप में रखे गए मूल प्रस्ताव पर आधारित न हो और अभिद्रोहात्मक, राजद्रोहात्मक या मानहानिकारक शब्द उपयोग नहीं करने के निर्देश भी सभी विधायकों के लिए जारी किए गए हैं। इसके अलावा भवन में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से विधायकों के साथ आने वाले दर्शकों को प्रवेश पत्र बनवाकर ही प्रवेश दिलाने, साहित्य, सूचना कार्यालय से साहित्य निकालने जैसे अन्य निर्देश भी दिए गए हैं।