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मध्यप्रदेश

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सीटों के मामले में सरकार से आगे निजी मेडिकल कॉलेज

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 मप्र में 18 शासकीय मेडिकल कॉलेज, लेकिन 50 प्रतिशत सीटें 9 निजी कॉलेजों के पास

भोपाल। मध्यप्रदेश से चिकित्सकों की पौध तैयार करने के लिए विगत एक से डेढ़ दशक में लगातार प्रयास हुए हैं और यह आगे भी जारी भी हैं। प्रायवेट मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ सरकार ने जिलों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों की भी सौगात दी है। लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी की सीट संख्या अनुपातिक रूप में निजी मेडिकल कॉलेजों से कम है। खास बात यह है कि 79 साल पहले स्थापित ग्वालियर का शासकीय गजराराजा मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस सीट संख्या के मामले में भोपाल और इंदौर के चार निजी कॉलेजों से पीछे है। 

उल्लेखनीय है कि शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस, बीडीएस सहित पीजी डिग्री-डिप्लोमा की सीटें मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा संबंधित संस्थान में सुविधा और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से तय की जाती हैं। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में प्राप्त अंकों के आधार पर पहले प्रतिष्ठित एवं शासकीय महाविद्यालयों की सीटें च्वाइस फिलिंग के माध्यम से भरी जाती हैं। इसके बाद छात्र द्वारा मांगे गए निजी महाविद्यालय में सीट संख्या और उसके अंक प्रतिशत के आधार पर प्रवेश मिलता है। विगत वर्षों में केन्द्र सरकार ने निजी के साथ-साथ प्रायवेट मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस की सीट बढ़ाई हैं। 

प्रायवेट में सरकारी से 12-15 गुना ज्यादा फीस 

मप्र में 18 शासकीय मेडिकल कॉलेज और 9 प्रायवेट मेडिकल कॉलेज हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए एक छात्र की प्रति सत्र की फीस 14-15 लाख और उससे अधिक भी है। जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 5-6 लाख रुपये तक में 5.5 वर्ष की पूरी डिग्री हो जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के चलते बड़ी संख्या में छात्रों को सरकारी में प्रवेश नहीं मिल पाता, ऐसी स्थिति में इन्हें महंगे निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेना पड़ता है। खास बात यह है कि ट्यूशन फीस और परीक्षा फीस के अलावा भी प्रायवेट कॉलेज छात्रावास, गणवेश सहित अन्य गतिविधियों के नाम से अलग से भी पैसा वसूलते हैं।

मप्र में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय और सीटें 

चिकित्सा महाविद्यालय एमबीबीएस पीजी 

जीएमसी भोपाल                 250                 172

एमजीएम, इंदौर                 250                 250

जीआरएमसी, ग्वालियर 200                 163

एनएसबीएमसी, जबलपुर 180                 186

एसएसएमसी, रीवा         150                 106

बीएमसी, सागर                 125                 55

शा.चि.महाविद्यालय, दतिया 120                 18

शा.चि.महाविद्यालय, विदिशा 180                 00

शा.चि.महाविद्यालय,रतलाम 180                 03

शा.चि.महाविद्याल, खण्डवा 120                 00

छिंदवाड़ा, आईएमसी         100                 00

शा.चि.महाविद्यालय, शहडोल 100                 00

शा.चि.महाविद्यालय,शिवपुरी 100                 00

शा.चि.महाविद्यालय, सतना 150                 --

शा.चि.महाविद्यालय, नीमच 100                 --

वीकेएसएमसी, नीमच         100                 --

शा.चि.महाविद्यालय, सिवनी 100                 --

एसएलपीएमसी                 100                 --

कुल                                 2055         953

प्रायवेट मेडिकल कॉलेज और सीट संख्या

चिकित्सा महाविद्यालय एमबीबीएस पीजी 

पीपुल्स, भोपाल                 250                 88

अरविंदो, इंदौर                 250                 145

आडी गार्डी, उज्जैन         150                 107

इण्डेक्स, इंदौर                 250                 131

एलएनएमसी, भोपाल         250                 104

चिरायु, भोपाल                 150                 69

अमलतास, देवास         150                 52

आरकेडीएफ, भोपाल         150                 80

एनएलसीटी, इंदौर         150                 00 

कुल                                 1750         776 

5 शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित 

मप्र के पांच अन्य स्थानों पर भी शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की सरकार की योजना है। यह कॉलेज बुदनी, मंडला, श्योपुर, सिंगरौली और राजगढ़ में खोले जाएंगे। हर कॉलेज में 150 सीटें देने की योजना है। इस तरह 750 एमबीबीएस सीट बढ़ जाएंगी।