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राजधानी

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सुनवाई के इंतजार में अर्थहीन हुईं अधिकांश जानकारियां

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ये कैसा न्याय: राज्य सूचना आयोग में 5 साल पुरानी अपीलें लंबित
भोपाल। मप्र सरकार के अलग-अलग विभागों और  कार्यालयों से संबंधित जानकारियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग में 5 साल पहले लगाई गई अपीलें अभी प्रतीक्षासूची में हैं। इन पर अब तक सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है। मुख्य सूचना आयुक्त सहित चार आयुक्तों की नियुक्ति के बाद प्रकरण जिस तेजी से निपटाए जा रहे हैं, उससे कई गुना तेजी से नई अपीलों की संख्या बढ़ रही है। आयोग में 2020 के बाद से अब तक 20 हजार से अधिक अपीलें सुनवाई के लिए लंबित हैं।

आयुक्तों की नियुक्ति के बाद तेजी से बढ़ी अपील
10 महीने पहले 17 सितम्बर 2024 को मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव और सूचना आयुक्तों डॉ. उमाशंकर पचौरी, ओंकार नाथ और डॉ. वंदना गांधी ने राजभवन में शपथ लेकर कार्यभार ग्रहण किया था। करीब एक माह के प्रशिक्षण के बाद सभी ने अपीलों और शिकायतों की सुनवाई शुरू कर दी थी। उस समय आयोग में लंबित अपीलों की संख्या 16 हजार थी, जो अब बढक़र 20 हजार हो गई है। हालांकि दिसम्बर 2024 से मई 2025 तक चारों आयुक्तों ने 627 अपीलों और 210 शिकायतों का निराकरण किया है।
आयोग में चारों आयुक्तों द्वारा हर माह जितनी अपीलों और शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। उससे ढाई गुना से अधिक नई अपीलें और शिकायत आयोग में पहुंच रही हैं। विगत छह माह में आयोग में कुल 1627 अपीलों और 210 शिकायतों का निराकरण हुआ। जबकि इस अवधि में आयोग में 4323 नई अपीलें और 351 शिकायतें पहुंची।
आयुक्त, न संसाधन कैसे हो निराकरण
राज्य सूचना आयोग में इतनी बड़ी संख्या में अपील और शिकायतें लंबित होने का कारण आयुक्तों और संसाधनों की कमी है। स्वीकृत पदों की अपेक्षा आयोग में अधिकारियों-कर्मचारियों की भी कमी है। आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित आयुक्तों के कुल 10 पद हैं। 22 अगस्त 2005 को आयोग की स्थापना से बाद से अब तक 6 मुख्य सूचना आयुक्तों एवं 17 आयुक्तों की नियुक्ति हुई है। मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर सबसे पहले 14 अक्टूबर 2005 को टीएन श्रीवास्तव, इसके बाद 26 मार्च 2007 को पद्मपाणी तिवारी, 4 अगस्त 2012 को इकबाल अहमद, 11 फरवरी 2014 को केडी खान, 30 मार्च 2019 को ए.के शुक्ला एवं 10 सितम्बर 2024 को विजय यादव मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए गए। आयोग में दो आयुक्तों की नियुक्ति सबसे पहले 2008 में हुई। इसके बाद 2011 में चार, वर्ष 2014 और 2018 में 5-5 एवं 2019 में दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हुई। 28 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्य सूचना आयुक्त एके शुक्ला और सूचना आयुक्त राहुल सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद 17 सितम्बर 2024 तक आयोग में सभी पद खाली रहे। आयोग में हर साल नई अपीलों के साथ-साथ लंबित अपीलों की संख्या भी बढ़ती गई। सभी 10 आयुक्त नियुक्त होने पर अनुपातिक रूप से हर महीने लगभग 700 से अधिक अपीलों और एक सैकड़ा शिकायतों का निराकरण हो पाता।

सीआईसी करेंगे ग्वालियर- चंबल की सुनवाई

जिलावार अपीलों की सुनवाई के लिए आयुक्तों के बीच कार्यआवंटन में परिवर्तन किया गया है। भोपाल के अलावा ग्वालियर चंबल संभाग के जिलों की सुनवाई अब मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव करेंगे।  डॉ. वंदना गांधी नर्मदापुरम और सागर संभाग, उमाशंकर पचौरी इंदौर, शहडोल के अलावा उज्जैन के प्रकरणों की सुनवाई करेंगे, जबकि ओंकारनाथ जबलपुर और रीवा संभाग के प्रकरणों की सुनवाई करेंगे। यह कार्यआवंटन आदेश पिछले माह जारी हुआ।

‘अपील और शिकायतों की लगातार सुनवाई, निराकरण किए जा रहे हैं, लेकिन अपीलार्थियों की संख्या में कई गुना अधिक बढ़ी है। इस कारण लंबित प्रकरणों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ रही है। आयुक्त के रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने संबंध में मुख्यमंत्री और राज्यपाल से चर्चा करूंगा। ’
विजय यादव, मुख्य सूचना आयुक्त
मप्र राज्य सूचना आयोग