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जल जीवन मिशन में हुआ भ्रष्टाचार, सीबीआई जांच हो : कटारे

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भोपाल। मप्र विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने हर घर- नल से जल पहुंचाने की योजना ‘जल जीवन मिशन’ में 10 हजार करोड़ रुपये के सुनियोजित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में राजनेता, अधिकारी सभी शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारवार्ता आयोजित कर कटारे ने आरोप लगाए कि  जल्दबाजी और बिना तैयारी के योजना का क्रियान्वयन किया गा और भ्रष्टाचार की सुनियोजित योजना बनाकर कमीशन और कागजी खानापूर्ति को प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों, राजनेताओं ने स्वयं व चहेते ठेकेदारों की जेबें भरीं। योजना में केन्द्र व राज्य की 45-45 प्रतिशत व शेष 10 प्रतिशत ग्राम पंचायत के अंश का प्रावधान था लेकिन जल्दबाजी में अधिकारी यह तथ्य भूल गए। योजना में संधारण का प्रावधान नहीं किया गया। डीपीआर गूगल के आंकड़ों के आधार पर तैयार कर भेजी गई, जिसमें बदलाव भी करना पड़ा। दो व्यक्तियों से बात कर प्रमुख अभियंता द्वारा सीधे फंड जारी किए गए।  पांच वरिष्ठ और नियमित मुख्य अभियंता उपलब्ध होते हुए कनिष्ठ के.के.सोनगरिया की प्रमुख अभियंता के पद पर नियुक्ति की गई। नोडल अधिकारी के मौखिक निर्देश पर योजना में 4 हजार रुपये कीमत का अनुपयोगी यंत्र  सिल्वर आयनाइजऱ 70 हजार से एक लाख रुपये तक में में खरीदा गया। पुरानी बिछी पाइप लाइनों के नए बिल दिखाकर फर्जी भुगतान कराए गए। योजना में ठेकेदारों से एक प्रतिशत राशि लेकर पुराने टेंडरों को रिवाईज कर टेंडरों में वृद्धि की गई। इससे पुराने ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया गया। कटारे ने सम्पूर्ण प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग की है।