Breaking News:

• देर रात मप्र के आईपीएस की बड़ी तबादला सूची जारी, स्पेशल डीजी से लेकर सीएसपी स्तर के 62 अधिकारी स्थानांतरित देखें सूची • 18 साल के राजनीतिक वनवास के बाद यदुवंशी की जै जै .... • किसी को खराब प्रदर्शन की सजा तो किसी को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का इनाम, आधी रात के बाद जारी की 62 आईपीएस अधिकारियों की स्थानांतरण सूची • पूर्व विधायक रेखा यादव अध्यक्ष, साधना सदस्य नियुक्त,6 साल बाद राज्य महिला आयोग में हुई नियुक्तियां • अर्थियां सजाकर मंत्री निवास को निकले, पुलिस ने रोका तो की धक्कामुक्की, जबलपुर की क्रूज दुर्घटना को लेकर युवा कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन • भोपाल जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग 15-17 मई को, पार्टी नेताओं ने देखा प्रशिक्षण स्थल, कामकाजी बैठक में की समीक्षा • रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार
राजनीति

Image Alt Text

विधानसभा में प्रदर्शन पर प्रतिबंध के बावजूद सदन से सडक़ तक प्रदर्शन की तैयारी में विपक्ष

राजनीति

सरकार-संगठन मिलकर बना रहे जवाबी हमले की रणनीति

भोपाल। 28 जुलाई से शुरू होने जा रहे मप्र विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष ओबीसी आरक्षण, अजा-अजजा, महिलाओं से जुड़े अपराधिक मामलों, प्रदूषण एनओसी, नशा कारोबार के अलावा बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, खाद और उपार्जन में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। जबकि सदन में विपक्ष के हमलों का जवाब देने  सरकार और भाजपा संगठन भी संयुक्त रणनीति तैयार कर रहे हैं।
डेढ़ महीने पहले जून में राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के बाद से कांग्रेस सक्रिय और आक्रामक दिखने का प्रयास कर रही है। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला स्तर पर नई टीम तैयार करने की तैयारी में हैं। जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी श्री चौधरी के निर्देशों पर ही विधानसभा में सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। दो दिन पहले विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आदेश में विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन और आंदोलन पर रोक के बाद कांग्रेस अब नए सिरे से रणनीति तैयार कर रही है। सूत्र बताते हैं कि सचिवालय द्वारा जारी आदेश के बावजूद विपक्ष विधानसभा परिसर में अलग-अलग प्रकार से प्रदर्शन कर सकता है। उधर सत्तापक्ष भाजपा भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए कांग्रेस शासनकाल की अव्यवस्थाएंं, गड़बडिय़ां और आंकड़े जुटाकर उलट हमले की तैयारी में है।  डेढ़ दशक बाद सत्ता को मिला संगठन का साथ

मध्यप्रदेश विधानसभा सदस्य हेमंत खंडेलवाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद विधानसभा का यह पहला सत्र है। सत्ता को संगठन का साथ मिलने से सरकार (मुख्यमंत्री) को विपक्ष की आक्रामकता का मुकाबला करने में आसानी होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष जनवरी 2006 से 2008 तक नरेन्द्र सिंह तोमर विधानसभा सदस्य रहते हुए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी रहे थे। अब श्री तोमर विधानसभा प्रमुख (अध्यक्ष) हैं।