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भोपाल 30 साल, इंदौर 15 साल पुराने मास्टर प्लान से हो रहे विकसित

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-मप्र के बड़े शहरों में सिर्फ ग्वालियर में लागू है 2023 का प्लान

भोपाल। मप्र में शहर बेहतरतीब ढंग से विकसित हो रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण दशकों पुराने मास्टर प्लान के आधार पर ही शहर आकार हो रहे हैं। जिसमें राजधानी भोपाल में 30 साल पहले 1995 में लागू किए गए मास्टर प्लान लागू है। जबकि इंदौर और जबलपुर में 15 साल पहले वर्ष 2008 में लागू किया गया मास्टर प्लान प्रभावी है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर के मास्टर प्लान की अवधि की समाप्त हो चुकी है। सरकार ने बड़े शहरों में सिर्फ ग्वालियर में ही दो साल पहले 2023 में नया मास्टर प्लान लागू किया था। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज विधानसभा में विधायक प्रीतम लोधी के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। 

मंत्री विजयवर्गीय ने अपने जवाब में बताया कि भोपाल विकास योजना जून 1995 से प्रभावशील है। इंदौरविकास योजना 2021 जनवरी 2008  से प्रभावशील है। ग्वालियर विकास योजना 2035 अप्रैल 2023 से प्रभावशील है। जबलपुर विकास योजना 2021 अक्टूबर 2008 से प्रभावशील है। मंत्री नेबतायाकि भोपाल, जबलपुर एवं इंदौर नगरों की विकास योजनाओं के पुनर्विलाकन की प्रक्रिया प्रचलन में है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मास्टर प्लान कब तक लागू हो यह बता पान संभव नहीं है। 

राजनीतिक फैसले में अटके मास्टर प्लान

भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं अन्य शहरों के मास्टर प्लान राजनीतिक फैसलों में अटके हैं। 2023 में सरकार ने भोपाल का मास्टर प्लान लगभग लागू कर दिया था, लेकिन सरकार ने रोक लगा दी। यही स्थित इंदौर , जबलपुर के मास्टर प्लान के साथ हुई। हालांकि सरकार शहरों के मास्टर प्लान की कवायद 2 साल पहले ही कर चुकी है।