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राजधानी

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जुलाई में 52 प्रतिशत अधिक बरसा भोपाल में पानी

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-माह के आखिरी दिन सुबह-शाम करा गया बूंदाबांदी 

भोपाल। प्रदेश में जमकर बारिश का दौर शुरू है। राजधानी भोपाल भी इससे अछूता नहीं रहा है। जुलाई के 31 दिनों में यहां 52 प्रतिशत अधिक पानी गिरा है। साल 2022 के बाद यह पहला अवसर है जबकि 708 मिमी बरसात हुई है। यहां की औसत बारिश 467 मिमी है। माह के अंतिम दिन भी यहां सुबह-शाम कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। 

     वहीं अगस्त में 106 प्रतिशत तक बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इस माह की औसत वर्षा 326 मिमी बताई गई है। जबकि वर्षा के औसत दिनों की संख्या 13.9 से अधिक नहीं है। बावजूद इसके प्रदेश में सर्वाधिक कुल मासिक वर्षा 903 मिमी का रिकार्ड वर्ष 2006 में इसी माह के नाम रह चुका है। जबकि 24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा 291.6 मिमी 14 अगस्त 2006 को यहां दर्ज की गई है।  

24 घंटे में गिरा 1.6 मिमी पानी 

पिछले 24 घंटे में भोपाल शहर में 1.6 मिमी पानी गिरा है। एक जून से लेकर अब तक यहां 700.1 मिमी पानी गिर चुका है। वहीं गुरूवार दिन भर बादल छाये रहे। सुबह-शाम बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक बनी रही।  कमोबेश यह हालात अगले 24 घंटों के दौरान भी देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग ने यहां 3 अगस्त तक गरज-चमक के साथ हल्की मध्यम वर्षा का अनुमान जताया है। 

पूर्वी मप्र में अधिक गिरा पानी 

जुलाई माह के दौरान सामान्य 448.4 मिमी से 59 प्रतिशत अधिक 711.3 मिमी वर्षा मप्र में हुई है। सर्वाधिक 62 प्रतिशत अधिक बारिश पूर्वी मप्र में 796.4 मिमी दर्ज की गई। 491.1 मिमी सामान्य बारिश है। वहीं दूसरी ओर पश्चिमी मप्र में औसत बारिश 415.5 मिमी के मुकाबले 55 प्रतिशत अधिक 645.9 मिमी पानी गिरा है। 

इसलिये ऐसा है मौसम 

मानसून की कम दबाव रेखा बांदा, सीधी व रांची से होकर दक्षिण-पूर्व बंगाल की उत्तर-पूर्वी खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के उत्तरी भागों व उत्तर-पूर्व राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण फैला हुआ है।