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विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के नाम के आगे लगेगा ‘सम्राट’

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विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित 

भोपाल। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नाम अब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय होगा। सोमवार को विधानसभा में मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित हुआ। विधायक दिनेश जेन, राजेन्द्र कुमार सिंह, महेश परमार, फूलसिंह बरैया ने सरकार के इस निर्णय का समर्थन किया। 

मप्र विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि नाम बदलने के साथ-साथ शिक्षा को लेकर कार्य योजना भी बनना चाहिए। नाम बदलने पर आने वाला खर्च और अन्य जानकारी नहीं दी गई है। सरकार काम नहीं कर रही और नाम बदल बदल के वाहवाही लूटना चाहती है। हालांकि उन्होंने विधेयक का समर्थन किया।

मंत्री बोले 15 अगस्त तक होंगे कॉलेजों में प्रवेश

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय का नाम सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय करने जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा की नई शिक्षा नीति में यह प्रावधान किया है कि बीए का विद्यार्थी बीएससी के और बीएससी का विद्यार्थी बीए के विषय चयन कर सकता है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त तक प्रदेश के सभी महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

भारतीय परिवेश में होंगे दीक्षांत समारोह 

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि विश्वाविद्यालय में भारतीय परिवेश में दीक्षांत समारोह करने का निर्णय भी उच्च शिक्षा विभाग ने लिया है। प्रदेश के विश्वाविद्यालय में अब देश के अलग-अलग राज्यों की भाषाओं का भी अध्ययन कराने का काम किया जाएगा।

विधायकों ने प्रश्नकाल में उठाए स्थानीय मुद्दे 

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने प्रदेश एवं स्थानीय मुद्दे उठाए। सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने सतना की हवाई पट्टी व्यवस्थित होने का मुद्दा उठाया। विधायक रामनिवास शाह ने सिंगरौली में केंद्रीय सहकारी बैंक की स्थापना नहीं होने, नीरज ठाकुर ने जबलपुर में उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री और अधिकारियों पर कार्रवाई, श्रीकांत चतुर्वेदी ने मैहर विधानसभा में नवीन जनपद पंचायत के गठन, संजय पाठक की ओर से संदीप जायसवाल ने कटनी जिले में उर्वरक आवंटन भण्डार एवं वितरण और वीरेन्द्र लोधी ने बण्डा विधानसभा के ग्राम सौरई औद्योगिक क्षेत्र में मध्यभारत एग्रो प्रा. लि. की इकाईयों द्वारा सुरक्षा एवं प्रदूषण मानकों की जांच एवं कार्यवाही का मुद्दा प्रश्नकाल में उठाया।