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उमाभारती से मिलकर छलके प्रज्ञा ठाकुर के आँसू

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बरी होकर उमा से मिलने पहुंची प्रज्ञा, की एक दूसरे की प्रशंसा 

भोपाल। मालेगांव बम धमाकों के प्रकरण में बरी होने के बाद बुधवार को पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती से मिलने उनके भोपाल स्थित बंगले पर पहुंची। उमाभारती से मिलकर प्रज्ञा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू  छलक गए। इस दौरान सुश्री भारती ने प्रज्ञात को शौर्य की साक्षात मूर्ति बताते हुए मालेगांव बम धमाके को भगवा को बदनाम करने की साजिश बताया। 

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि दीदी ने हमेशा ही हिंदुत्व के जोरदार तरीके से आवाज उठाई है। वे यहां भगवा का सम्मान करने और हिंदुत्व के लिए आई हैं। अपने पूरे जीवन में जो साहस उन्होंने दिखाया है वो कोई पुरुष भी नहीं दिखा पाया है। इस अवसर पर  उमा भारती ने प्रज्ञा का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। उमा भारती प्रज्ञा ठाकुर की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं उम्र में उनसे बड़ी हूं लेकिन उनको मसीहा मानती हँू। प्रज्ञा के चेहरे पर हमेशा उनकी तपस्या और शौर्य का तेज रहता है।  वो जब जेल में बंद थी तब भी भावुक नहीं थीं बल्कि मुस्कुरा रही थीं। वो शौर्य की साक्षात मूर्ति हैं। उन्होंने कहा, प्रज्ञा ने छात्र जीवन से ही संघर्ष किया है। अखिल भारतीय परिषद् में रहीं और संन्यासी की तरह जीवन जीया। हमेशा ही प्रताडऩा के खिलाफ संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि मालेगांव ब्लास्ट सिर्फ भगवा आतंकवाद शब्द को गढऩे के लिए किया गया। ये समाज को बदनाम करने की साजिश थी।