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सेवा में आउट ऑफ द बॉक्स सोचें अधिकारी

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राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री


भोपाल। आउट ऑफ द बॉक्स सोचें और जनहित में उसका क्रियान्वयन भी करें। आपको जो अधिकार मिले हैं, वे मेहनत का अवसर भी लेकर आए हैं। भारतीय समाज एक सुसंस्कृत और आत्मनियंत्रित है। अधिकारी इन शक्तियों का उपयोग सेवा-भाव और परिष्कृत दृष्टिकोण से करें।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रशासन अकादमी में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए शुरू हुए आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए कही। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रशिक्षण, पढ़ाई के बाद की वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति को जिम्मेदार पदों के लिए तैयार करती है। बड़े पदों पर बैठने के बाद अपने ही करीबियों का भाव बदल जाता है। शिक्षण व्यक्ति को गढ़ता है, जबकि प्रशिक्षण व्यक्तित्व को निखारता है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि प्रशिक्षण सिर्फ शैक्षणिक नहीं, व्यावहारिक दृष्टि से भी दिशा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने जब तप किया, तभी वे राजा बने। इसी तरह आप सभी अधिकारी आम नागरिक की सेवा के लिए चयनित हुए हैं। जनसेवा का यह मौका तपस्या के समान है। इस अवसर पर  महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  राजा बाबू सिंह ने भी संबोधित किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार माना।

हमें हर 5 साल में देनी होती है परीक्षा, आपको नहीं 

मुख्मयमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘हम राजनेता हैं, तो हमें हर पांच साल में परीक्षा देनी होती है, लेकिन राज्य सेवा में चयनित युवाओं को यह सौभाग्य मिला है कि अब उन्हें तीस से पैंतीस वर्षों तक किसी परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। आपने जो परीक्षा अभी तक दी है, वही काफी है। अब इस नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएं।’ मुख्यमंत्री ने कहा हमें क्या करना है, हमारा उद्देश्य क्या है, यह स्पष्ट होना चाहिए। पहले खुद को जानें, तभी असली पहचान बनती है। उन्होंने कहा कि फील्ड में आपके हर निर्णय को जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों की कसौटी पर परखा जाएगा। यदि प्रशिक्षण के दौरान या बाद में किसी तरह की चूक होती है, तो उसका प्रभाव आपके पूरे करियर पर पड़ सकता है।

सप्ताहभर चलेगा 83 अधिकारियों का प्रशिक्षण 

प्रशासन अकादमी, भोपाल में राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 बैच के 83 चयनित अधिकारियों, उप जिला अध्यक्ष, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदारों का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण रविवार से शुरू हुआ है। यह प्रशिक्षण 7 अप्रैल से 23 मई 2025 तक चलेगा।

आईटी से एआई तक व्यक्तित्व को गढ़ें अधिकारी 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि आने वाले समय में अधिकारियों को सभी विषयों में दक्षता के साथ यहां प्रशिक्षण तो होगा ही, लेकिन जब मैदान में पदस्थ होंगे, असली प्रशिक्षण वहां होगा। बदलते समय में आईटी से लेकर एआई तक कई प्रकार की नई व्यवस्थाओं के साथ अधिकारी अपने व्यक्तित्व को गढें। शिक्षण तो उन्होंने प्राप्त कर लिया, लेकिन सरकार के सुशासन को नीचे तक उतारने की उम्मीद उनसे रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नवीन तकनीकों का जनता के कल्याण के लिए लगातार प्रयोग किया है। हर व्यक्ति इस दिशा में आगे बढ़े, सरकार यथा संभव मदद करेगी। मप्र के राज्य प्रशासनिक सेवा सहित सभी अधिकारियों की देश के सभी राज्यों में विशेष पहचान है। अधिकारियों-कर्मचारियों का कार्य व्यवहार मप्र के शासन को सुशासन की तरफ ले जाएगा। कई बड़ी चुनौतियों पर हमारे लोग कुशलता से काम करते हैं।