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मध्यप्रदेश
बिना सिक्योरिटी लायसेंस वाली एजेंसी का निविदा से चयन
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इंदौर नगर निगम ने आउटसोर्स कर्मचारी ठेकों में खूंठी पर टांगे नियम-कानून, औपचारिकता बनी टेंडर प्रक्रिया
भोपाल। इंदौर नगर निगम ने अजब-गजब कारनामा कर दिखाया है। आगामी तीन सालों तक आउटसोर्स कर्मचारियों की उपलब्धता के लिए निकाली गई निविदा में उस निजी सुरक्षा एजेंसी का भी चयन कर लिया गया, निविदा तिथि में जिसके पास सुरक्षा का पंजीयन/लायसेंस ही नहीं था। 17 में से चयनित कुल 5 एजेंसियों में दो अन्य एजेंसियों के अनुभव प्रमाणपत्र संलग्न नहीं होने पर भी चयन कर लिया गया जबकि एक संस्था पर छत्तीसगढ़ के 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में नकली होलोग्राम बनाकर शराब सप्लाई करने के आरोप हैं।
नगर निगम इंदौर के अंतर्गत अलग-अलग कार्यालयों और विभागों में आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए मप्र शासन, गृह विभाग से पंजीकृत एजेंसयिों से निविदा आमंत्रित की गई थी। निविदा में हिस्सा लेने के लिए जो आवश्यक शर्तें जोड़ी गई थीं, उसमें लायसेंस की अनिवार्यता के साथ-साथ शासकीय/अर्धशासकीय/ पी.एस.यू एवं नगरीय निकायों (नगर निगमों) में किए गए कामों का 3 वर्ष का (संस्था द्वारा निरंतर 36 माह सेवाएं प्रदान किए जाने) का सत्यापित अनुभव प्रमाण पत्र मांगा गया था।
थर्ड आई के पास नहीं लायसेंस, फिर भी चयन
इंदौर की थर्ड आई सिक्युरिटी सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड, जिसे तकनीकी मूल्यांकन में योग्य बताकर चयन किया गया है। इस एजेंसी के निविदा आवेदन में 3 सितम्बर 2021 को वैधता समाप्त हो चुके लायसेंस की प्रति संलग्न की है। साथ ही इस एजेंसी की ओर से ऑनलाइन निविदा के साथ अपलोड किए गए दस्तावेजों में जीवित पंजीयन के स्थान पर गृह विभाग का ढाई साल पुराना वह पत्र संलग्न किया है, जो गृह सचिव की ओर से एजेंसी डायरेक्टर को भेजा गया है और एजेंसी के लायसेंस नवीनीकरण का आवेदन विचाराधीन होने की बात कही गई है। खास बात यह है कि नगर निगम द्वारा जारी तकनीकी मूल्यांकन में चयनित इस एजेंसी द्वारा संलग्न दस्तावेजों की सूची में लायसेंस संलग्न होने की बात स्वीकारी गई है।
दो एजेंसियों के कार्यअनुभव प्रमाण पत्र नहीं
निविदा में हिस्सा लेने वाली एबी इंटरप्राइजेज और बालाजी सिक्यूरिटी सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड एजेंसियों ने अपने कार्यअनुभव प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किए हैं। एबी इंटरप्रायजेज का चयन नगर निगम अयोध्या से अनुभव के आधार पर दर्शाया गया है। इसी प्रकार बालाजी इंटरप्रायजेज के भी अनुभव संबंधी दस्तावेज पूरे नहीं है।
एजेंसियां जिनका हुआ चयन
- थर्ड आई सिक्यूरिटी सर्विसेस प्रा. लि.
- ए.बी. इंटरप्राईजेस
- बालाजी सिक्यूरिटी सर्विसेस प्रा.लि.
- प्राईमवन वर्कफोर्स प्रा. लि.
- वर्ल्ड क्लास सर्विसेस लिमिटेड
एजेंसियां जिन्हें माना आयोग्य
बिलीव साल्यूशन सर्विसेस, इनोविजन लिमिटेड, कामथेन सिक्यूरिटी सर्विस, किंग सिक्यूरिटी गार्ड सर्विसेस प्रा. लि., क्रिस्टल इंट्रीग्रेटेड सर्विसेस प्रा. लि., आर. बी. एसोसिएट्स, आर.डी. एक्सीलेंट सर्विसेस प्रा. लि., रक्षक सिक्यूरिटी प्रा. लि., साश्वत सफल्या प्रा. लि., सिंघ इंटेलीजेंस सिक्योरिटी प्रा. लि., तुल्सयान सिक्योरिटी सर्विसेस प्रा. लि. और वर्ल्ड क्लास सर्विसेस
शराब घोटाले में दागी कंपनी का भी चयन
तकनीकी बिड में प्राईमवन वर्कफोर्स प्रा. लि.को चयनित किया गया है। इस कंपनी पर छत्तीसगढ़ के 2100 करोड़ के शराब घोटाले में नकली होलोग्राम बनाकर शराब प्रदाय करने के आरोप हैं। मामले की जांच ईडी कर रही है। ईडी की एफआईआर के अनुसार प्राईमवन वर्कफोर्स सिंडीकेट का हिस्सा है तथा उसने फर्जी होलोग्राम से शराब सप्लाई कर छत्तीसगढ़ सरकार को क्षति पहुंचाई है। मप्र के बिजली विभाग से भी यह कंपनी ब्लेकलिस्टेड की जा चुकी है।
"निविदा या एजेंसी चयन की अब तक जो भी प्रक्रिया हुई है वह अधिकारियों के स्तर पर हुई है। फाइल एमआईसी में आएगी तब देखेंगे। किसी भी स्तर पर गड़बड़ या अनियमितता मिलेगी तो उसे निरस्त कर कार्रवाई करेंगे।"
महापौर, नगर पालिक निगम, इंदौर
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