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प्रशिक्षण अप्राप्त टीएसआई को गृह जिले में सौंपा चेकपॉइंट

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परिवहन विभाग में बिना प्रशिक्षण लिए मैदान संभाल रहे अधिकारी कर्मचारी 

भोपाल। पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां छापों के बाद चर्चाओं में चल रहे परिवहन विभाग में गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। अवैध वसूली की शिकायतें और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। वहीं शासन के नियमों के विरुद्ध विभाग में पदस्थ आरटीआई से लेकर कई आरक्षक ऐसे भी हैं, जो सेवा शर्तों को ताक पर रखकर नौकरी कर रहे हैं। 10 साल से ज्यादा समय निकल जाने के बाद भी कईयों ने विभागीय प्रशिक्षण तक नहीं लिया है, फिर भी पदोन्नति और वेतनवृद्धि के साथ मैदानी पदस्थापना का लाभ ले रहे हैं। विभाग में निरीक्षक, दो उप निरीक्षक और 10 आरक्षक ऐसे हैं, जिन्हें विभागीय प्रशिक्षण के बिना ही मैदानी पदस्थापना का लाभ दिया जा रहा है। 

मुरैना चेकपॉइंट और फ्लाइंग प्रभारी शंकर पचौरी की परिवहन विभाग में नियुक्ति सीधी भर्ती से 15 नवम्बर 2017 को हुई थी। मुरैना उनका गृह जिला भी है और विभागीय प्रशिक्षण भी उन्होंने नहीं लिया है। शासकीय सेवा में आने के बाद दूसरी शादी को लेकर उठे विवाद में जेल में भी रहे हैं, लेकिन विभाग ने उन्हें प्रमुख चेकपॉइंट और फ्लाइंग प्रभारी का दायित्व देकर उपकृत किया हुआ है। 


दो साल में प्रशिक्षण लेना अनिवार्य

शासकीय नियमों के अनुसार परिवहन विभाग में नियुक्ति के बाद प्रवर्तन अमले को छह माह से अधिकतम दो साल में विभागीय प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होता है। प्रशिक्षण नहीं लेने पर शासकीय सेवा शर्तों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की पदोन्नति और वेतनवृद्धि नहीं लगाई जाती है और न ही ऐसे अधिकारी कर्मचारियों को मैदानी पदस्थपना सहित अन्य लाभ दिए जाते हैं। लेकिन विभाग में 14 साल पहले प्रवर्तन अमले में नियुक्ति आरटीआई और इतने ही वर्ष पहले नियुक्त आरक्षक तक बिना प्रशिक्षण लिए सेवा शर्तों के उल्लंघन के बावजूद सभी लाभ ले रहे हैं।  


अधिकारी जिन्होंने नहीं लिया प्रशिक्षण 

रूप कुमार शर्मा (आरटीआई): परिवहन विभाग में 5 मार्च 1984 को लिपिक पद पर नियुक्ति हुई थी। लिपिक वर्गीय सेवा में रहते विभागीय परीक्षा के माध्यम से 16 दिसम्बर 2010 को आरटीआई बने। अब तक विभागीय प्रशिक्षण नहीं लिया। 

 राजेन्द्र कुमार स्वर्णकार (आरटीआई): 9 मार्च 1990 को परिवहन विभाग में लिपिक पद पर नियुक्त श्री सोनी 9 मई 2012 को परिवहन निरीक्षक बने। अब तक विभागीय प्रशिक्षण नहीं लिया। 

शंकर पचौरी (टीएसआई): मुरैना जिले के निवासी श्री पचौरी की परिवहन विभाग में नियुक्ति 15 मार्च 2017 को सीधी भर्ती से हुई। वर्तमान में मुरैना चेकपॉइंट और फ्लाइंग के प्रभारी हैं। 

अंकुर गुप्ता (टीएसआई) : भोपाल जिले के मूल निवासी अंकुर गुप्ता की 17 नवम्बर 2017 को परिवहन विभाग में नियुक्ति सीधी भर्ती से हुई। लम्बे समय तक वे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, भोपाल में पदस्थ रहकर फ्लाइंग के प्रभारी भी रहे। 

आरक्षक जिन्होंने नहीं लिया प्रशिक्षण 

आरक्षक                    नियुक्ति                         प्रकार 

ऋतु मेहरा                17 फरवरी 2014            अनुकंपा

शिवेन्द्र यादव        28 मई 2016            अनुकंपा

भारती बाथम                                     अनुकंपा

अभिमा सिंह पदम       28 जून 2013             सीधी भर्ती 

ृृमिथलेश                 11 दिसम्बर 2012     सीधी भर्ती

सारंगधर महाले         24 दिसम्बर 2016     अनुकंपा

धर्मेन्द्र विश्वकर्मा         7 नवम्बर 2019             अनुकंपा

पूजा परिहार                9 जनवरी 2020     अनुकंपा

नवजीत बाथम         27 फरवरी 2021     अनुकंपा

शिप्रा धु्रवे                 4 अगस्त 2021             अनुकंप

नवाशा जैन         11 अगस्त 2021     अनुकंपा

नितिन चतुर्वेदी         28 दिसम्बर 2021     अनुकंपा

सौरभ शर्मा                 29 अक्टूबर 2016     अनुकंपा  (नौकरी छोड़ी)

                       

‘आपके द्वारा बहुत अच्छी बात ध्यान में लाई है। विभाग में 13 आरक्षक, तीन टीएसआई ने प्रशिक्षण नहीं लिया है। तीन माह के प्रशिक्षण के लिए इनकी सूची तैयार है। पुलिस मुख्यालय से आग्रह कर जल्द ही सागर या भौरी में पुलिस प्रशिक्षण भी कराएंगे और इन्हें परिवहन विभाग से संबंधित प्रशिक्षण भी जल्द ही दिलाई जाएगी।’ 

विवेक शर्मा 

परिवहन आयुक्त, मप्र