Breaking News:
राजधानी
भोपाल में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
राजधानी
मंत्रि-परिषद ने अलग-अलग विभागों के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरीभोपाल,। भोपाल जिले की बैरसिया तहसील के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 की स्थापना को मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दे दी है। परियोजना के लिए 210.21 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि यह क्लस्टर रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए काम करेगा। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) निर्माण की संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों पर आधारित इस परियोजना के लिए मंत्रि-परिषद ने 371.95 करोड़ रुपये की सैद्यांतिक स्वीकृति भी दी है। इसमें 146.63 करोड़ केंद्रांश और 225.32 करोड़ राज्यांश शामिल होगा। इससे 10 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस क्लस्टर के माध्यम से प्रदेश के इंजीनियरिंग करने वाले युवाओं को मार्गदर्शन मिलेगा। इसका नोडल विभाग विज्ञान और टेक्नालॉजी होगा।
पांच नए आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालयों को मंजूरी, 1570 पद स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय और वैलनेस सेंटर खोलने के लिए 1570 पदों की स्वीकृति दी गई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के फंड से खुल रहे इन महाविद्यालयों में इनमें 715 नियमित पद एवं 855 पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे। इनमें महाविद्यालय भवन, 100 बैड चिकित्सालय परिसर, 100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास भवन, आवासीय भवन और फार्मेसी भवनों का निर्माण भारतीय चिकित्सा पद्धति के मापदण्डों के हिसाब से किया जाएगा।
किराए पर कोख देने वाली माँ को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन किया है। राज्य में अब नवीन अवकाश नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किया गया है। नवीन प्रावधानों में महिला शासकीय सेवक सेरोगेट/ कमीशनिंग मां को भी प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। अवकाश विभागों के शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। इसी प्रकार दत्तक संतान ग्रहण करने के लिए शासकीय सेवकों को कुल 15 दिवस के पितृत्व अवकाश की पात्रता होगी। संतान पालन अवकाश की पात्रता एकल पुरुष शासकीय सेवक को भी होगी। अर्धवेतन अवकाश को अवकाश खाता में अग्रिम रूप से जमा किया जायेगा। यह अवकाश एक जनवरी को 10 दिवस एवं एक जुलाई को पुन: 10 दिवस के मान से अवकाश लेखे में अंकित किया जाएगा। अर्जित अवकाश की एक बार प्राप्त करने की अधिकतम अवधि 120 दिन से बढ़ाकर 180 दिन की गई है। दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ शासकीय सेवक का अवकाश आवेदन अब उसके परिवार के सदस्य भी प्रस्तुत कर सकेंगे। अवकाश स्वीकृत संबंधी नियमों के प्रकाशन एवं अन्य अनुवर्ती कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। अवकाश नियमों में किए गए इन परिवर्तनों से राजकीय कोष में कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा।
मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय
- गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है।साथ ही विभिन्न संवर्गों के कुल 20 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा।
- जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में मैस संचालन के लिए 10 माह के स्थान पर 12 माह के लिए छात्रावासों में छात्र उपस्थिति के आधार पर शिष्यवृत्ति दी जाएगी। वर्तमान में प्रति छात्र 1650 रुपये और छात्राओं को 1700 रूपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दी जाती है।
- नगरीय निकायों में ‘गीता भवन’ स्थापना को स्वीकृतिअयोजना को स्वीकृति दी है। योजना की अवधि पांच वर्ष अर्थात 2025-26 से वर्ष 2029-30 तक होगी?। भवन निर्माण, विस्तार, संधारण और अतिरिक्त निर्माण के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता राज्य शासन देगा।
ट्रेंडिंग खबरें
राजनीति
भोपाल जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग 15-17 मई को, पार्टी नेताओं ने देखा...
03-05-26
राजनीति
अर्थियां सजाकर मंत्री निवास को निकले, पुलिस ने रोका तो की धक्कामुक्की, जबलपुर की क्रूज...
03-05-26
राजधानी
पूर्व विधायक रेखा यादव अध्यक्ष, साधना सदस्य नियुक्त,6 साल बाद राज्य महिला आयोग में हुई...
03-05-26
राजधानी
किसी को खराब प्रदर्शन की सजा तो किसी को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का इनाम, आधी...
03-05-26
Gossip गुगली
18 साल के राजनीतिक वनवास के बाद यदुवंशी की जै जै ....
03-05-26