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उपार्जन के साथ ही किसानों को हो रहा गेहँॅू का भुगतान
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प्रबंध संचालक ‘नान’ बोले उपार्जन में गड़बड़ी या अवरोध न हो, इसलिए हर दिन कर रहे समीक्षा
भोपाल। समर्थन मूल्य पर गेहँू खरीदी में अनियमितता, घोटाला और किसानों को उपार्जित राशि का भुगतान नहीं होने जैसे मुद्दे हर बार विपक्ष का मुद्दा बनते हैं। लेकिन इस बार गेहँू उपार्जन या भुगतान में विलंब विपक्ष का मुद्दा नहीं बन सका है। 15 मार्च से समर्थन मूल्य की खरीदी निरंतर जारी है और यह 5 मई तक होनी है। गेहँू उपार्जन के पंजीयन के लिए बुधवार, 9 अप्रैल अंतिम तारीख है, और अब तक लगभग 16 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं। खरीदी के साथ-साथ तत्काल किसानों के गेहँू का भुगतान भी उनके खातों में होता जा रहा है। गेहँू उपार्जन में किसी भी तरह की गड़बड़ी, अवरोध या देरी न हो, समय पर उसका भुगतान हो, इस पर मप्र राज्य आपूर्ति निगम एवं वेयर हाऊसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा ने उपार्जन एवं भुगतान संबंधी विषयों पर ‘स्वदेश’ से विशेष चर्चा की।
अब तक 22.50 लाख टन उपार्जन, लक्ष्य 60 लाख टन
एमडी श्री वर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष कुल 60 लाख मीट्रिक टन गेहँू उपार्जन का लक्ष्य है। इसके विपरीत अब तक 22.50 लाख मीट्रिक टन गेहँू उपार्जित हो चुका है। गेहँू खरीदी के साथ-साथ तुरंत ही किसानों को उपार्जित गेहँॅू का भुगतान भी कराया जा रहा है। उपार्जन या भुगतान में किसी तरह का अवरोध या परेशानी समझने के लिए हर दिन जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा होती है। जिला या प्रदेश स्तर की किसी तकनीकी या अन्य प्रकार की समस्या आने पर उसका तुरंत ही निराकरण भी किया जा रहा है।
उपार्जन में गड़बड़ी रोकेगा एकीकृृत निगरानी तंत्र
प्रबंध संचालक श्री वर्मा ने बताया कि प्रदेश में हाल में धान उपार्जन में गड़बड़ी मामले में ईओडब्ल्यू की जांच जारी है। विभाग हर प्रकार से जांच में सहयोग कर रहा है। विभागीय स्तर पर भी इसमें कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन, परिवहन और भण्डारण में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र विकसित गया है। वाहनों पर जीपीएस सिस्टम तथा मुख्यालय पर कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया जा रहा है, जहां से सीधे ही प्रदेशभर में भण्डारित अनाज की मात्रा, परिवहन और मिलिंग की जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी।
सिस्टम को सुधारना मेरी प्राथमिकता
आपूर्ति निगम एवं वेयर हाऊसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा ने कहा कि सबसे पहले सिस्टम को सुधारना मेरी प्राथमिकता है। नई व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और अभेद्य होगी। सिस्टम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को नगण्य किया जाएगा।
किसानों को होगा लगभग 20800 करोड़ का भुगतान
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहँू उपार्जन के बदले में किसानों को लगभग 19400 करोड़ रुपये एवं बोनस की राशि लगभग 1400 करोड़ का संभावित भुगतान किया जाना है। उल्लेखनीय है कि इस बार मध्यप्रदेश में सरकार कुल 2600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से समर्थन मूल्य पर गेहँू की खरीदी कर रही है, जिसमें राज्य सरकार की ओर से 175 रुपये प्रति मूल्य का बोनस शामिल है।
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