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सौरभ की माँ, पत्नी, साले और मौसेरे जीजा को 10-10 लाख के बॉण्ड पर मिली जमानत
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ईडी ने उमा शर्मा, दिव्या तिवारी, रोहित और विनय हासवानी को आरोपी बना जारी किए थे गिरफ्तारी नोटिस
भोपाल। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां लोकायुक्त, आयकर और ईडी के छापों में सोने-चांदी की ईंटें, नकदी सहित सौ करोड़ से अधिक की बेनामी चल-अचल संपत्ति मिलने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सौरभ शर्मा, उसके दोनों साथियों शरद जायसवाल और चेतन गौर के अलावा उसकी माँ श्रीमती उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, मौसेरे जीजा विनय हासवानी और साले रोहित तिवारी सहित अन्य 9 अन्य लोगोंं को आरोपी बनाकर गिरफ्तारी का नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को 18वें अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोषके न्यायालय से इन चारों को 10-10 लाख रुपये के पर्सनल बॉण्ड पर जमानत मिल गई।
उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त और आयकर विभाग के छापों में मिली करोड़ों की अनुपातहीन संपत्तियों के बाद लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरण पर संज्ञान लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने पहले सौरभ शर्मा, चेतन गौर और शरद जायसवाल के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था। ईडी की जांच में सौरभ के यहां छापों और जांच में मिली कई बेनामी चल व अचल संपत्तियां तथा फर्म और कंपनियों में सौरभ की माँ उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, साले रोहित तिवारी, मौसेरे जीजा विनय हासवानी एवं फर्मों व कंपनियों के नाम पर मिली हैं। इन संपत्तियों के मामलों में सौरभ, चेतन, शरद, उमा शर्मा एवं दिव्या तिवारी के अलावा फर्मों व कंपनियों के अन्य संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है।
सौरभ, चेतन, शरद के पासपोर्ट जब्त, 5 को पेशी
सौरभ शर्मा, चेतन गौर और शरद जायसवाल की न्यायालय में पेशी अब 5 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। न्यायालय ने सभी आरोपियों के पासपोर्ट जब्त करने के भी आदेश दिए हैं। जिससे विदेश न भाग सकें।
मनी लॉन्ड्रिंग से बनाई है सारी संपत्तियां
ईडी द्वारा न्यायालय में पेश किए गए लगभग एक हजार पन्नों के आरोप पत्र में कहा है कि सौरभ और उसके सहयोगियों द्वारा जो भी संपत्ति बनाई गई है, वह मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से कमाई गई है। इसलिए इनके विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता है। चार्जशीट में सौरभ शर्मा के जीजा रोहित तिवारी, विनय हसवानी, प्यारेलाल केवट के अलावा इनकी फर्मों में शामिल अन्य लोग शामिल हैं। इन फर्मों के माध्यम से खरीदी गई संपत्तियों और रजिस्ट्री को राजसात करने की बात भी चार्जशीट में शामिल है। अकेले एक ही फर्म में 15 से अधिक रजिस्ट्री हैं।
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