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सोम ग्रुप के 5 ठिकानों पर सेंट्रल एक्साइज का छापा
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लाइसेंस में हेराफेरी से ‘कर’ चोरी का आरोप, कंपनी ने सरेंडर किए 14 करोड़
भोपाल। रायसेन जिले में की सीमा में स्थित सोम डिस्टलरी के पांच ठिकानों पर बुधवार को केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (सेंट्रल एक्साइज) की टीमों ने एक साथ छापा मारा। कार्रवाई गुरूवार को भी जारी रही। कंपनी संचालकों द्वारा लायसेंस में हेराफेरी करके बड़ी मात्रा में ‘कर’ चोरी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि कंपनी के मालिकों द्वारा 14 करोड़ रुपए सरेंडर किए जाने की भी सूचना है। हालांकि हेराफेरी से ‘कर’ चोरी की गणना गुरूवार शाम तक जारी थी, जो 50 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
भोपाल और रायसेन में पड़े छापे
सेंट्रल एक्साइज की पांच अलग-अलग टीमों ने सोम डिस्टलरी की रायसेन जिले के सेहतगंज और गोचरा चक में संचालित आसवनियों और भोपाल में एमपी नगर स्थित सोम डिस्टलरी के कार्यालय सहित दो अन्य स्थानों पर एक साथ छापे मारे। सेंट्रल एक्साइज टीम को आशंका है कि सोम ग्रुप के संचालकों ने लिकर की बॉटल्स के इम्पोर्ट के लाइसेंस में हेराफेरी कर बड़े स्तर पर टैक्स चोरी की है। यह एडवांस अथोराइजेशन में बॉटल्स मंगाते थे। जांच में पाया गया है कि इन्होंने इम्पोर्ट में बॉटल्स का स्टॉक कम दिखाया। साथ ही एक्सपोर्ट एप्लिकेशन भी कम्पलीट नहीं पाए गए हैं।
कर्मचारियों से कराया कार्रवाई का विरोध
जानकारी के अनुसार सेंट्रल एक्साइज की टीम बुधवार को जेसे ही कंपनी की सेहतगंज इकाई और भोपाल स्थित कार्यालय पर पहुंची। संचालकों के इशारे पर कंपनी कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए टीम को कार्रवाई से रोकने का प्रयास किया। कंपनी की ओर से इसे रुटीन कार्रवाई बताया जा रहा है।
दो साल पहले पड़े थे आयकर के छापे
आसवनी और देशी-विदेशी मदिरा कारोबार से जुड़े सोम समूह के पांच राज्यों में करीब आधा सैकड़ा ठिकानों पर दो साल पहले नवम्बर 2023 में आयकर टीमों ने छापा मारा था। मप्र में भोपाल, जबलपुर, इंदौर और रायसेन सहित मुंबई, दिल्ली, कलकत्ता, कटक, और बेंगलुरु जैसे महानगरों में एक साथ यह छापे संचालकों द्वारा आयकर की चोरी की सूचना पर मारे गए थे। इस छापे में बड़े स्तर पर कर चोरी पकड़ी गई थी।
प्रदूषण बोर्ड लगा चुका है आसवनियों पर ताला
मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का पालन न करने पर अगस्त 2021 में सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कंपनी की छह इकाईयों पर ताला लगा दिया था। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर कंपनी की अपील स्वीकार कर उच्च न्यायालय ने कंपनी को साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक निर्देशों के साथ राहत दी। बिना अनुमति लिए आसवनी के अंदर अतिरिक्त टैंक निर्माण पर भी आबकारी विभाग कार्रवाई कर चुका है।
केन्द्रीय बाल आयोग ने पकड़े थे बाल मजदूर
पिछले वर्ष जून में केन्द्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने रायसेन स्थित शराब फैक्ट्री सोम डिस्टलीज में 20 लड़कियों सहित 58 बच्चों को बचाया था। अधिकांश बच्चे नाबालिग होकर भी मजदूरी कर रहे थे तथा बिना सुरक्षा के खतरनाक रासयनों के संपर्क में आने से उनके हाथ की त्वचा जल गई थी। बच्चों से 12-14 घंटे काम कराए जाने की बात भी सामने आई थी। मामले में फैक्ट्री संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने सहित आबकारी आयुक्त ने कारण बताओ नोटिस के साथ सोम डिस्टलरीज का निर्माण एवं पैकेजिंग लायसेंस 20 दिन के लिए निलंबित कर दिया था। हालांकि इस मामले में भी संचालकों को न्यायालय से राहत मिल गई थी।
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