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अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान, जांच करने पहुंचे एडीएम

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भोपाल। अरेरा कॉलोनी में मंदिर और अस्पताल के पास शराब दुकान खुले होने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर  मप्र शासन, भोपाल कलेक्टर और सहायक आबकारी आयुक्त को नोटिस किया था, जिसमें जिला प्रशासन के माध्यम से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। आयोग के इस नोटिस के आधार पर जांच के लिए सोमवार को एडीएम पीसी शाक्य और सहायक आबकारी आयुक्त सोमवार को जांच करने कॉलोनी में पहुंचे। शिकायत संबंधी जांच रिपोर्ट आगामी 3 अक्टूबर को आयोग के समक्ष पेश होगी। 

कॉलोनी में पहुंचकर दोनों ही अधिकारियों ने लगभग एक घंटे तक शिकायत से संबंधित जांच की। इसके अलावा स्थानीय निवासियों से बयान भी लिए।बयानों में लोगों ने कहा कि शराब दुकान अस्पताल बहुत पास है, जबकि मंदिर से यह दुकान 42 मीटर दूर है। रहवासी भूखंड पर  नियम विरुद्ध दुकान संचालित की जा रही है, जिसका वे लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना था कि शराब दुकान हटाई जाए। वरना, रहवासी धरना प्रदर्शन करेंगे।

आयोग ने 15 दिन में मांगी है रिपोर्ट

विगत 28 जुलाई को आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो की पीठ ने इस मामले में मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के अंतर्गत संज्ञान लिया था। प्रदेश सरकार को निर्देशित किया गया था कि भोपाल के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर शिकायत की जांच कराकर 15 दिन में कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इस नोटिस पर कार्रवाई नहीं हुई तो 19 अगस्त को फिर से स्मरण पत्र भेजा गया। इस पर आयोग ने आबकारी आयुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया। जिसमें 3 अक्टूबर को मानव अधिकार आयोग के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में प्रतिवेदन सहित उपस्थित होने का आदेश दिया था। इसके बाद पिछले सप्ताह आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। इस मामले में स्थानीय निवासी, शिकायतकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने कहा कि शराब दुकान धार्मिक स्थल और बच्चों के अस्पताल के पास खुलवाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि रहवासियों के अधिकारों का हनन भी है। लवनीश भाटी ने कहा, रहवासी भूखंड पर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है।