राजधानी

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ठंडा पड़ा आदेश, फिर खूंटी पर हेलमेट

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पेट्रोल पंप पर सिर्फ आदेश चिपके, नहीं हो रहा पालन 

भोपाल। बिना हेलमेट, दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं। राजधानी के पेट्रोल पंप संचालकों ने भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के दो महीने पुराने इस आदेश को घूंटी पर टांग दिया है। शहर के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के भी दोपहिया वाहनों में पेट्रोल भरा जाने लगा है। 

भोपाल जिले में सडक़ दुर्घटनाओं में हो रही निरंतर वृद्धि एवं हेलमेट पहने होने की स्थिति में दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं घायलों की संख्या में कमी के तथ्य का उल्लेख करते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने 30 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर जिले के पेट्रोल पंप संचालाकों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए निर्देशित किया था कि वे बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल न दें। उन्होंने हेलमेट के संबंध में केन्द्र व राज्य सरकारों के समय-समय पर जारी आदेशों और मप्र मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-129 का भी उन्होंने उल्लेख किया, जिसमें दो पहिया वाहन चालक व सवार को हेलमेट लगाना अनिवार्य बताया गया है। 

पेट्रोलपंप संचालकों पर हो चुकी एफआईआर 

कलेक्टर के इस आदेश का पालन नहीं करने पर शहर के कई पेट्रोल पंप संचालाकों के विरुद्ध प्रशासन ने एफआईआर भी कराई थी। साथ ही पेट्रोल पंप की प्रत्येक मशीन और पेट्रोल भरा जाने वाला नोजल सीसीटीवी कैमरे की नजर में रखे जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद से पेट्रोल पंप संचालकों ने बिना हेमलेट पेट्रोल देना पूरी तरह बंद कर दिया था। लेकिन अब प्रशासन की सख्ती कम होते ही अधिकांश पेट्रोल पंप संचालकों ने एक बार फिर से बिना हेलमेट देना शुरू कर दिया है। 

‘गाड़ी से निकलते हुए मैंने भी देखा है, कुछ पेट्रोल पंप संचालक दुपहिया वाहनों को बिना हेलमेट पेट्रोल देते नजर आए हैं। ऐसे संचालकों पर पहले भी कुछ एफआईआर कराई थीं, फिर से कराएंगे। आदेश का सख्ती से पालन कराएंगे।’

कौलेन्द्र विक्रम सिंह

कलेक्टर, भोपाल