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अनुबंध से प्रभावित नहीं होंगी सरकार की योजनाएं
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सहकारिता और दुग्ध संघों की मजबूती पर केन्द्रित है एनबीडीए से अनुबंध
भोपाल। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर एवं सहकारिता के माध्यम से डेयरी कारोबार को विस्तार देकर केन्द्र व राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य लिया है। पिछले दिनों केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और मप्र के दुग्ध संघों के बीच हुए अनुबंध के तहत जिस तरह के प्रयास किए जाएंगे, उस तरह के प्रयास राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग विभागों की योजनाओं के माध्यम से अभी भी जारी हैं। लेकिन इसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके थे। अनुबंध के बाद सरकार की योजनाएं और कार्यक्रम तो यथावत रहेंगे, लेकिन एनबीडीए के मार्गदर्शन में सरकार के इन विभागों की योजनाओं को परिणाम मूलक बनाया जाएगा।
एनबीडीए से अनुबंध के बाद मुख्य लक्ष्य
- 50 प्रतिशत गांवों में बनेंगी दुग्ध समितियां, अभी 17 प्रतिशत गांव से सहकारी समितियों के माध्यम से संकलित होता है दूध।
- अभी 12 लाख लीटर दूध संकलित किया जाता है, अनुबंध के बाद 24 लाख लीटर होगा।
- राज्य में अभी 9 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन है, जिसमें दुग्ध संघों तक 12 लाख लीटर ही पहुंच रहा है। अनुबंध के बाद उत्पादन दो गुना से ज्यादा होगा और दुग्ध संघ 24 लाख लीटर संकलित करेंगे।
- हर किसान को सहकारी डेयरी के साथ जोडक़र पनीर, मठा, छाछ बनवाए जाएंगे, जिसका फायदा किसान को होगा।
- दूध के अधिक उत्पादन के लिए नस्ल सुधार पर भी काम होगा।
- पशु पालन एवं आहार से संबंधित प्रशिक्षण किसान को दिए जाएंगे।
- हर ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं दुग्ध संग्रहण केन्द्र खोले जाएंगे।
- श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- राज्य में सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को मजबूत किया जाएगा।
पशुधन संरक्षण एवं विकास की प्रमुख योजनाएं
उद्देश्य योजना
ग्रामीणों को रोजगार हितग्राहियों को उन्नत नस्ल के पशु देना।
दुग्ध उत्पादन में वृद्धि केन्द्रीय सहायता से राष्ट्रीय गोकुल मिशन।
पशु मृत्यु पर क्षतिपूर्ति जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना
उन्नत नस्ल का पशुधन उन्नत पशुधन का विकास एवं उपलब्धता।
कुक्कुट-पशुपालन विकास कुक्कुट, पशुधन का विकास व आहार निर्माण
गौ-भैंस वंश में नश्ल सुधार बुल मदर फार्म, पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थापित
पशुधन उत्पादन एवं विपणन पशुपालन का प्रबंधन एवं प्रशिक्षण
गौवंश नस्ल सुधार, दुग्ध वृद्धि नंदी शाला योजना
गाय की देशी नस्लों का संरक्षण गोकुल ग्राम की स्थापना।
कम कीमत में अच्छा पशु आहार कीरतपुर में पशु आहार संयंत्र की स्थापना
बकरी पालकों की आर्थिक समृद्धि बकरी पालन प्रशिक्षण केन्द्र
सिरोही, जमुनापारी नस्लों का संरक्षण बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र स्थापित
भैंसों की नस्ल सुधार, मुर्रा सान्ड उत्पादन मुर्रा भैंस के प्रजनन केन्द्र की स्थापना
अच्छी नस्ल का गौवंश उत्पादन, दुग्ध वृद्धि भ्रूण प्रत्यारोपण गौशाला की स्थापना
कृत्रिम गर्भाधान से गौ-भैंस वंश का संरक्षण सीमन सेंटर की स्थापना।
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