मध्यप्रदेश

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मंत्रि-परिषद के निर्णय: सोयाबीन किसान भावांतर योजना में शामिल

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4.5 लाख पेंशनर्स की दो प्रतिशत बढ़ी महंगाई राहत राशि 

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मप्र-छग के 4.50 लाख पेंशनर्स को पेंशन और परिवार पेंशन में छठवें और सातवें वेतनमान पर महंगाई राहत राशि बढ़ाए जाने को मंजूरी दी गई है। वहीं मप्र के सोयाबीन किसानों को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किए जाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

मंत्रि-परिषद के निर्णय के बाद सातवें वेतनमान की पेंशन पा रहे पेंशनर्स की पेंशन अब 53 से बढक़र 55 प्रतिशत हो जाएगी। जबकि छठे वेतनमान की पेंशन पा रहे पेंशनर्स की पेंशन अब 246 प्रतिशत हो जाएगी। यह लाभ 1 सितंबर 2025 से मिलेगा। पेंशन और परिवार पेंशन बढ़ाने से सरकारी खजाने पर इस वित्तीय वर्ष में करीब 170 करोड़ रुपए अतिरिक्त भार आएगा। छत्तीसगढ़ सरकार से पेंशन में वृद्धि को लेकर मिली सहमति के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। 

सोयाबीन किसानों को भी मिलेगा भावांतर का लाभ 

मंत्रि-परिषद ने किसानों को सोयाबीन पर बाजार दर से कम कीमत मिलने पर लागू होने वाली भावांतर योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये और मंडी दर (आदर्श दर) के बीच की कमी का भुगतान राज्य सरकार करेगी। खरीफ वर्ष 2025 में प्रदेश के सोयाबीन के किसानों को भावांतर योजना में 24 अक्टूबर 25 से 15 जनवरी, 2026 तक राज्य की अधिसूचित मंडियों में बेचना होगा। भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत मूल्य घाटा भुगतान योजना में खरीफ  वर्ष 2025 के लिए सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के रूप में लागू होगी।

कोदो कुटकी के लिए श्रीअन्न फेडरेशन गठित 

रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2025-26 में कोदों कुटकी के उपार्जन के संबंध में कैबिनेट में फैसला लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने कोदों की दर 3500 रुपए और कुटकी की दर 2500 रुपए प्रति क्विंटल तय कर दी है। साथ ही श्रीअन्न फेडरेशन बनाने का निर्णय लिया है। फेडरेशन को 80 करोड़ रुपए बिना ब्याज के दिए हैं, जो श्रीअन्न का संवर्धन करेगी।

‘रेशम समृद्धि योजना’ को सैद्धांतिक स्वीकृति

केन्द्र सरकार की सिल्क समग्र-2 योजना का 25 प्रतिशत राज्यांश के साथ, राज्य में रेशम समृद्धि योजना के रूप में क्रियान्वयन किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में हितग्राहियों को रेशम उत्पादन संबंधी 23 गतिविधियों में सहायता प्राप्त होगी। सामान्य वर्ग को इकाई लागत की 75 प्रतिशत और अजा/अजजा हितग्राहियों को 90 प्रतिशत आर्थिक सहायता मिलेगी। 

31.60 करोड़ राज्यांश, आरएएमपी योजना को मंजूरी 

मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, नई दिल्ली की ‘राइजिंग एंड एक्सीलेरेटिंग एमएसएमई फरपोर्मेंस’ योजना को मंजूरी दी है। योजना में मप्र के लिए 105.36 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत हुआ है। जिसमें राज्यांश की 30 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 60 लाख रुपये को भी मंजूरी दी गई। 

मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय 

- सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना 2021 में नए प्रावधान सम्मिलित किए जाने को स्वीकृति। 

- मंत्रि-परिषद् द्वारा आरक्षक (विसबल) 620 अरुण सिंह भदौरिया, 15वीं वाहिनी विसबल, इंदौर को प्रधान आरक्षक (विसबल) के पद पर क्रम से पूर्व पदोन्नति दिए जाने को मंजूरी।

- रबी वर्ष 2023-24 के समर्थन मूल्य पर चमक विहीन गेहूं की प्रतिपूर्ति के लिए कार्योत्तर अनुमोदन दिया। 

- नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत उच्च न्यायालय से सेवा में न्यायाधीश राजेंद्र कुमार वर्मा, अमरनाथ केसरवानी, प्रेम नारायण सिंह को सरदार सरोवर परियोजना के शिकायत निवारण प्राधिकरण में न्यायिक सदस्य के पद पर संविदा नियुक्त देने का अनुसमर्थन।

- पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की निजी स्थापना में पदस्थ विशेष सहायक राजेश श्रीवास्तव की संविदा नियुक्ति जारी करने का अनुसमर्थन। 

- निवाड़ी में भाजपा कार्यालय और भोपाल के फतेहपुर डोबरा में आईआईआईटी के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी।