मध्यप्रदेश

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मप्र में बंटे 74 प्रतिशत से ज्यादा गणना पत्रक

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जिला निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आयोग का दावा 

भोपाल। केन्द्रीय सूचना आयोग के मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का दावा है कि मप्र के सभी जिलों में अनुपातिक 74.41 प्रतिशत गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। आयोग ने यह दावा जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर किया है। 

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर की जा रही एसआईआर की मप्र में हर 3 घंटे में रिपोर्ट ली जा रही है। गुरुवार दोपहर 12 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में अब तक 74.41 प्रतिशत गणना पत्रक मतदाताओं को बांटे जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) संजीव कुमार झा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अब गणना पत्रकों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में गणना रिपोर्ट का अद्यतन और पारदर्शी डिजिटलीकरण प्राथमिकता के साथ पूरा करें। सीईओ ने इस संबंध में प्रदेशभर के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक भी की। बैठक में उन्होंने मतदाताओं तक शीघ्रता से गणना पत्रक पहुंचाने के निर्देश दिए। झा ने कहा कि सभी नगर निगम क्षेत्रों के वार्डों में एसआईआर हेल्प डेस्क बनाए जाएं, ताकि मतदाताओं को फार्म भरने और अन्य आवश्यक जानकारी में सहयोग मिल सके।

बीएलए की नियुक्ति मापदंडों में संशोधन

आयोग ने बूथ स्तर अभिकर्ता (बीएलए) की नियुक्ति के मापदंडों में संशोधन किया है। अब किसी भी व्यक्ति को बीएलए नियुक्त करने के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह संबंधित बूथ की विधानसभा का पंजीकृत मतदाता हो। आयोग ने यह बदलाव मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  कार्य के दौरान पारदर्शिता बढ़ाने और गलत प्रविष्टियों को रोकने के उद्देश्य से किया है।आयोग के नए निर्देशों के तहत, मतदाता सूची के प्रत्येक भाग  के लिए एक बूथ एजेंट (बीएलए) राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किया जा सकेगा। बीएलए उसी मतदाता सूची का पंजीकृत मतदाता होना चाहिए। ऐसा व्यक्ति उपलब्ध नहीं होने पर उसी विधानसभा क्षेत्र का कोई पंजीकृत मतदाता बीएलए के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।

मतदाताओं की पहचान में करेगा मदद

सीईओ झा ने कहा कि बीएलए की मुख्य भूमिका उस भाग की मतदाता सूची का गहन निरीक्षण करना होगी, जिसके लिए उसे नियुक्त किया गया है। बीएलए अपने क्षेत्र में मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान कर निर्वाचन कार्यालय को जानकारी देगा, जिससे मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।