मध्यप्रदेश

Image Alt Text

पदोन्नति में आरक्षण मामले की सुनवाई 20-21 नवम्बर को

मध्यप्रदेश

-याचिकाकर्ताओं ने दो दिन रखा पक्ष

भोपाल। मप्र उच्च न्यायालय में पदोन्नति नियम 2025 को लेकर सुनवाई अब 20 एवं 21 नवंबर को होगी। पदोन्नति नियम के संंबंध में लगाई गई याचिकाओं पर याचिकाकर्ताओं की ओर से उच्च न्यायालय में पक्ष रखा गया। जिसमें अलग-अलग तथ्य रखे गए। 

पदोन्नति नियम 2025 के पक्ष में याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि मप्र के लाखों कर्मचारी 2016 से प्रमोशन की राह देख रहे हैं, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के स्थगत आदेश का हवाला देकर पदोन्नति नहीं की गई। जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने 2018 मे अंतरिम आदेश पारित कर निर्देशित कर दिया था कि सरकार चाहे तो ‘आरक्षित से आरक्षित’, ‘अनारक्षित से अनारक्षित’, योग्यता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर सकती है। मध्य प्रदेश के अलावा देश के अधिकांश राज्यों ने उक्त निर्देशनुसार पदोन्नति नियम बनाकर पदोन्नति कर दी हैं। जबकि मप्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देकर पदोन्नति नहीं दी।