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सौरभ और शरद की जमान याचिका निरस्त

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विशेष न्यायालय (ईडी) ने प्रकरण की गंभीरता का किया उल्लेख 


भोपाल । प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज प्रकरण में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके साथ शरद जायसवाल और अविरल कंपनी की जमानत याचिका को विशेष न्यायालय (ईडी) ने गुरुवार को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने मामले को गंभीर बताते हुए इस जमानत याचिका को निरस्त किया। 

उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त द्वारा दर्ज प्रकरण में सौरभ, चेतन और शरद तीनों को जमानत मिल जाने के बाद उनके वकीलों ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज प्रकरण में जमानत के लिए विशेष न्यायालय में याचिका लगाई थी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय द्वारा विगत 8 अप्रैल को सौरभ, चेतन, शरद सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ प्रस्तुत चालान में विशेष न्यायालय से सौरभ की माँ उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, साले रोहित तिवारी और मौसेरे जीजा विनय हासवानी को जमानत मिल चुकी है। इसके बाद दोनों मुख्य आरोपियों सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत के लिए न्यायालय में याचिका लगाई गई थी। बुधवार को जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुुरुवार की शाम न्यायालय ने जमानत निरस्त किए जाने का आदेश जारी कर दिया। ईडी प्रकरण में अभी सौरभ, शरद औ चेतन तीनों केन्द्रीय जेल भोपाल में बंद हें। 

अब उच्च न्यायालय में जमानत याचिका की तैयारी 

विशेष न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सौरभ और शरद के परिजन अब उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय के प्रकरण में आरोपियों को उच्च न्यायालय से भी जमानत मिलना आसान नहीं है। 

पूरक चालान पेश कर सकती है ईडी 

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए चालान में आरोपियों की संख्या 12 है। इनमें से सौरभ की मां, पत्नी, साले, जीजा और दो कंपनियों को विशेष न्यायालय से 10-10 लाख रुपये के बॉण्ड पर जमानत मिल चुकी है। अब इस मामले में पांच मई को नियमित सुनवाई होनी है, जिसमें सुरक्षा कारणों से जेल में बंद तीनों आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होगी। वहीं प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में पूरक आरोप पत्र भी पेश कर सकती है। जिसमें आरोपियों की संख्या बढ़ भी सकती है।