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90 प्रतिशत सब्सिडी पर अधिक क्षमता का पंप खरीद सकेंगे किसान

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मंत्रि-परिषद ने दी कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन को मंजूरी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिए सोलर पम्प स्थापना की योजना में संशोधन को मंजूरी दी है। कृषक अब स्वीकृत सोलर पम्प स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प दिया जाएगा। 3 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एच.पी. और 5 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एच.पी. का सोलर पंप का विकल्प दिया जाएगा।

योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों अथवा अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पम्प का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पम्प पम्प लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10 प्रतिशत रहेगा। शासन द्वारा 90 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी।

13 आयुष चिकित्सालयों के लिए 373 नए पदों को मंजूरी  

प्रदेश के 12 जिलों में 50 बिस्तर आयुष चिकित्सालय और बड़वानी में 30 बिस्तर के आयुष चिकित्सालय की स्थापना को मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दे दी है। भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, महेश्वर, बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, पन्ना, श्योपुर, अमरकंटक, शुजालपुर में बनाए जाएंगे और बड़वानी विश्वविद्यालय की संचालन के लिए 373 नए पदों का सृजन किया गया है। इन 373 नियमित पदों पर वार्षिक खर्च 25.57 करोड़ आएगा। 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल एवं वैज्ञानिकों, अधिकारियों की भर्ती संबंधी नियमों को भी मंजूरी दी है।

100 करोड़ रुपए का प्रावधान

सोशल इंपैक्ट बॉड योजना में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना सामाजिक न्याय विभाग में लागू है। सामाजिक सेवा करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स को एक एजेंसी के माध्यम से लाभ दिया जाएगा और यह एजेंसी ऐसा काम करने वाली संस्थाओं के काम का मूल्यांकन करेगी। इसके अलावा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन और पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है. इसमें 59.4 करोड़ का खर्च आएगा।

मिशन वात्सल्य की गैर संस्थागत सेवा को 5 साल तक मंजूरी 

मिशन वात्सल्य योजना में गैर संस्थागत सेवा योजना जैसे स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को मंत्रि-परिषद ले आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी है। योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। 

मंत्रि-परिषद में इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी 

- मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियमों का अनुमोदन। परिषद में नवीन पदों की भर्ती पर लगाई गई रोक हटाई। 

- नवगठित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगर-मालवा के लिए कुल 9 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी। 

सिंहस्थ में किसानों की सहमति से होंगे काम: मुख्यमंत्री 

मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए लैंड पुलिंग के विषय पर स्थानीय किसानों के विचारों के अनुसार कार्य किया जाएगा। विश्व के सबसे बड़े मेले सिंहस्थ 2028 का आयोजन पूर्ण गरिमा-गौरव-भव्यता और दिव्यता के साथ करने के लिए साधु-संतों, जिला प्रशासन अन्य राज्यों में हुए कुंभ व सिंहस्थ के व्यवस्थापकों और स्थानीय किसानों के सुझाव लेकर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी को बधाई दी।