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मध्यप्रदेश के बुजुर्गों ‘तीर्थ-दर्शन’ का इंतजार
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13 अगस्त को उज्जैन से अयोध्या गई थी अंतिम यात्रा, दूसरे शहरों को इंतजार
भोपाल। मध्यप्रदेश में 13 साल पहले जून 2012 में शुरू हुई मप्र सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में अब तक हजारों वरिष्ठ नागरिक प्रमुख तीर्थस्थलों तक नि:शुल्क यात्रा कर चुके हैं। बुजुर्गों के लिए सरकार की यह योजना अब भी जारी है, लेकिन विगत साढ़े तीन महीने से नई तीर्थदर्शन यात्रा का कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। सभी जिलों के बुजुर्ग नई यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।
नया कार्यक्रम जारी, लेकिन शुरू नहीं हुईं यात्राएं
वर्ष 2025-26 के इंतिम 5 माह में मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की यात्राओं का कार्यक्रम राज्य शासन, मप्र धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य विभाग कार्यक्रम जारी कर चुका है। यात्राएं 13 नवम्बर 2025 से 29 मार्च 2026 के बीच होनी हैं। पहली ट्रेन 13 नवम्बर को जबलपुर से तिरुपति के लिए रवाना होनी थी। लेकिन दो दिन पहले 11 नवम्बर को धर्मस्य विभाग के संयुक्त संचालक ने अचानक ही इस यात्रा को निरस्त कर दिया।
अगस्त में उज्जैन से अयोध्या गई थी पिछली यात्रा
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की पिछली आखरी ट्रेन उज्जैन से अयोध्या के लिए विगत 13 अगस्त को रवाना हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस यात्रा को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस यात्रा में बुजुर्गों ने गंगा स्नान, भगवान विश्वनाथ के दर्शनों के अलावा संत कबीर और संत रविदास की जन्मस्थली के भी दर्शन किए थे। इसके पहले आखरी ट्रेन 26 फरवरी 2025 को भिण्ड से नागपुर के लिए रवाना हुई थी।
50 करोड़ से अधिक बजट, हवाई यात्रा भी जुड़ी
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का वार्षिक बजट 50 करोड़ रुपये से अधिक है। अप्रैल 2023 में मप्र सरकार ने इस यात्रा में हवाई सेवा को भी जोड़ा था और 21 मई 2023 को पहली यात्रा भोपाल से प्रयागराज के लिए 65 वर्ष से अधिक उम्र के 32 बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। वहीं अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यटन विभाग के सहयोग से योजना का दायरा और अधिक बढ़ाए जाने की बात कही थी।
पिछले साल सितम्बर से फरवरी तक हुईं यात्राएं
वर्ष 2025-26 की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन’ धार्मिक यात्राएं 14 सितम्बर से शुरू होकर 26 फरवरी तक हुई थीं। प्रदेश के 15 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने अलग-अलग शहरों में धार्मिक यात्राएं कीं। इनमें वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल शामिल रहे।
‘मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन’ योजना में निरंतर यात्राएं जारी हैं। इस वर्ष 8 ट्रेन चल चुकी हैं। कुछ और भी ट्रेनें वरिष्ठजन को लेकर तीर्थयात्रा के लिए रवाना होने वाली हैं।
धर्मेन्द्र सिंह लोधी
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
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