मध्यप्रदेश

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मप्र 28 हजार करोड़ से बनेंगी 5 फोरलेन सडक़ें

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धार्मिक नगरों और शहरों को जोड़ेंगी यह सडक़ें, तैयार हुई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में इंदौर, जबलपुर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों और धर्मिक नगरों को जोडऩे के लिए 5 फोरलेन सडक़ें बनाई जानी है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार इन सडक़ सडक़ों के निर्माण पर 28 हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा। 

यह सडक़ें जबलपुर से दमोह, सतना से चित्रकूट रोड़, उज्जैन से झालावाड़, रिंग रोड और ओरछा बायपास तक बनाई जानी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रदेश की इन सडक़ों की डीपीआर तैयार कर ली है। इन सडक़ों के निर्माण से प्रमुख 10 जिलों के बीच यातायात की समस्या समाप्त होगी एवं यात्रा बिना अवरुद्ध के पूरी हो सकेगी। 

वन्य क्षेत्रों में बनेंगे ध्वनिरोधी गलियारे 

इन सभी शहरों के बीच सडक़ जिन जंगली क्षेत्रों से गुजरेगी, वहां ध्वनिरोधी विशेष गलियारे (स्पेशल गलियारे) तैयार किए जाएंगे। यह गलियारे वन्यजीवों की सुरक्षा और वाहनों की ध्वनि से उनके सामान्य जीवन यापन में पडऩे वाले व्यवधान को रोकने के उद्देश्य से तैयार किए जाएंगे। अगले वर्ष 2026 तक इन सडक़ों के निर्माणकार्य शुरू होगा और अगले डेढ़ से दो साल में बनकर तैयार होंगी। सभी बायपास फोर लेन होंगे और दोनों तरफ सर्विस लेन होंगी, जिससे सवारी और माल ढुलाई दोनों आसान होंगी। 

एक हजार किलोमीटर सडक़ निर्माण का लक्ष्य

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार मप्र में राजमार्ग की कुल एक हजार किलोमीटर सडक़ों पर काम जारी है। इसमें 500 किलोमीटर सडक़ों के ठेके हो चुके हैं, शेष के डीपीआर अंतिम चरण में हैं।