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बूथ पर बीएलओ, बीएलए घर-घर से जुटाएंगे फार्म!
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बीएलओ की मौत के बाद बदल सकती है एसआईआर सर्वे की व्यवस्था
भोपाल। मध्यप्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में ड्यूटी कर रहे बीएलओ की काम के दबाव के चलते मौत की खबरें आने के बाद राजधानी सहित मप्र में एसआईआर प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। वितरित हो चुके शेष फार्म के संकलन के लिए बीएलओ की बूथों पर उपस्थिति अनिवार्य की जा सकती है। जबकि प्रमुख राजनीतिक दलों के बीएलए एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचकर लोगों के एसआईआर फार्म भी भरवाएंगे और उन्हें संकलित भी कराएंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लक्ष्य को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से मिली समय-सीमा और सख्ती से निर्देशों के बाद कलेक्टर से एसडीएम तक लगातार बैठकें कर रहे हैं। एसडीएम हर दिन बीएलए और बीएलए सुपरवाईजर की बैठकें लेकर एक-एक बूथ पर एसआईआर फार्म ऑनलाइन किए जाने की समीक्षा कर रहे हैं। कुछ बीएलओ पर निलंबन जैसी कार्रवाई हुई है तो कुछ को कलेक्टर की ओर से नोटिस भी जारी हुए हैं। ऐसी स्थिति में बीएलओ खुद को भारी मानसिक दबाव में बता रहे हैं। हाल में हुई बीएलओ की मौत को एसआईआर के दबाव से जोडक़र देखा जा रहा है।
लक्ष्य के एक तिहाई फार्म भी ऑनलाइन नहीं
भोपाल जिला प्रशासन ने सभी बीएलओ को पहले प्रतिदिन 100 से 150 फार्म संकलित कर उन्हें ऑनलाइन करने का लक्ष्य दिया था। हालांकि अधिकारियों की देर-सवेर बैठकों के साथ लोगों से सौ फार्म संकलित कर उन्हें स्वयं ऑनलाइन एक भी बीएलओ नहीं कर सका। हालांकि कुछ बीएलओ ने लक्ष्य के अनुसार काम किया, लेकिन परिजनों और ठेका प्रक्रिया के सहयोग से।
ठेके पर चल रहा फार्म ऑनलाइन का काम!
प्रशासनिक दबाव में चल रहे कई बीएलओ ने संकलित किए गए फार्म को ऑनलाइन करने का काम ठेके पर प्रायवेट लोगों को दे रखा है। प्रति फार्म के हिसाब से बीएलओ अपनी जेब से पैसा भी दे रहे हैं। इससे बीएलओ का समय भी बच रहा है और मानसिक दबाव भी कम है। कई बीएलओ जो स्वयं फार्म संकलित कर ऑनलाइन भी कर रहे हैं। उन्हें देर रात तक जागना पड़ रहा है, क्योंकि दिन में सर्वर और नेटवर्क की परेशानी आ रही है, जबकि रात में बिना रुकावट के फार्म ऑनलाइन हो पा रहे हैं।
महिला बीएलओ के साथ परिजन भी परेशान
एसआईआर में ड्यूटी कर रहीं कई महिला बीएलओ के साथ उनके परिजन भी परेशान हैं। सुबह घर के काम निपटाकर ड्यूटी पर जाने वाली महिला कर्मचारी को सुबह 10 बजे तक घर से निकलना पड़ रहा है। इसके अलावा कई महिला बीएलओ फार्म वितरण एवं संकलन के लिए अपने पति, बेटे सहित अन्य परिजनों को साथ लेकर चल रही हैं।
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