राजधानी

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लापरवाह अधिकारियों और एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश

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सागर जिले में कम पड़ा बारदाना तो मंत्री ने पश्चिम बंगाल से मंगाई पूरी ट्रेन

भोपाल। सागर जिले में चना, मसूर, सरसों और गेंहँू के उपार्जन के दौरान बारदाना (कट्टे-बोरियां) कम पड़ गया। समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एवं स्थानीय विधायक गोविंद सिंह राजपूत को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने पश्चिम बंगाल से बारदाने की एक पूरी ट्रेन मंगवाने की व्यवस्था की। 

प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को सागर जिले में चल रहे चना, मसूर, सरसों और गेहूं उपार्जन कार्य की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान जब खाद्य मंत्री श्री राजपूत को जानकारी मिली कि जिले में बारदाने की कमी है, तो उन्होंने तत्काल पश्चिम बंगाल से एक पूरी ट्रेन (रैक) बारदाने की सागर भेजने की व्यवस्था कर दी। इसके अलावा दूसरे जिलों से ट्रकों के माध्यम से भी बारदाना मंगवाया गया। मंत्री राजपूत ने कहा कि जो भी अधिकारी-कर्मचारी उपार्जन व्यवस्था में बाधा बनेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


भुगतान में देरी पर नाराज हुए मंत्री 

मंत्री श्री राजपूत ने किसानों को भुगतान में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि उपज विक्रय के सात दिन के भीतर किसानों को भुगतान होना चाहिए। उन्होंने जिला विपणन अधिकारी रोहित सिंह बघेल और नागरिक आपूर्ति निगम की जिला प्रबंधक डिप्टी कलेक्टर श्रीमती जूही गर्ग को निर्देशित किया कि इस नियम का सख्ती से पालन हो।


एजेंसी पर एफआईआर, ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट के निर्देश 

जांच में पता चला कि चना, मसूर और सरसों में सर्वेयरों की लापरवाही, जबकि गेहूं के उपार्जन में ट्रांसपोर्टरों की सुस्ती भुगतान में देरी का मुख्य कारण है। इस पर मंत्री राजपूत ने लापरवाह सर्वेयर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर एफआईआर दर्ज करने और ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित ट्रांसपोर्टर को उन्होंने फटकार भी लगाई। मंत्री राजपूत ने कहा कि उपार्जन के दौरान सभी अधिकारी क्षेत्र में मौजूद रहें। किसी भी समिति में बारदाने की कमी न हो। उन्होंने जिले में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित कर उपार्जन की निगरानी के निर्देश भी दिए।