राजनीति

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किसानों के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने किया बहिर्गमन

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भोपाल। ग्वालियर संभाग के तीन जिलों में किसानों को मुआवजा नहीं दिए जाने, तीन जिलों में नाम मात्र का मुआवजा दिए जाने को लेकर विधानसभा में राजस्व मंत्री के उत्तर से नाराज विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया। 

प्रश्नकाल में ग्वालियर पूर्व से विधायक सतीश सिकरवार ने वर्ष 2025 में अतिवर्षा से किसानों की फसल के नुकसान के संबंध में सवाल पूछा। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने मुआवजे की जिलावार जानकारी के साथ बताया कि दतिया, गुना, भिण्ड जिलों में किसानों को मुआवजा इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि 25 प्रतिशत से कम नुकसान पर मुआवजे का प्रावधान नहीं है। इस दौरान श्री सिकरवार ने विधानसभा में गलत जानकारी दिए जाने की बात कही। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे आसंदी पर आरोप बताया,उन्होने कहा कि उत्तर सही नहीं है तो संदर्भ समिति के पास जाएं, इस तरह आसंदी को बदनाम न करें। दोनों पक्षों की ओर से बहस बढऩे पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर ध्यानाकर्षण के माध्यम से पर्याप्त चर्चा हो चुकी है,इसलिए प्रश्नकाल में इस पर बहस न हो। श्री सिकरवार ने सभी जिलों में किसानों को मुआवजे और फसल बर्वाद होने से आत्महत्या करने वालों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये दिए जाने की मांग की। इस दौरान मंत्री की ओर से संतुष्टिपूर्ण उत्तर नहीं मिलने पर सिकरवार के साथ विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन किया। 

भ्रष्टाचार के आरोपी डीपीसी की पदस्थापना गलत 

विधायक नारायण सिंह पट्टा ने मंडला जिले में भ्रष्टाचार के आरोपी नारायण सिंह पट्टा को देरी से निलंबित किए जाने और उसे प्राचार्य बनाए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जनजातीय बालक-बालिकाओं की शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री से मिलकर राज्य स्तरीय जांच कमेटी की मांग की थी। लेकिन विधानसभा में प्रश्न लगने के बाद आनन-फानन में जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई। 

मुख्यमंत्री बोले नुकसान से चार गुना मुआवजा दे रही सरकार

श्योपुर विधायक बाबू जण्डेल द्वारा अतिवृष्टि और जल भराव से नष्ट फसलों के मुआवजे को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर के दौरान विपक्ष के आरोपों पर जवाब के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं खड़े हुए। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार ने धान के नुकसान पर चार गुना पैसा दिया है। 25 से 50 के स्थान पर किसानों को 50 से 75 के स्लैब में पैसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 3 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देती थी। हम 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दे रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गलत आंकड़े नहीं सुनेंगे, मुख्यमंत्री ने कहा कि सच सुनने की क्षमता रखो।  इस पर सदन में दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस हुई। 

झूठी नहीं असत्य जानकारी बोलें 

गैस राहत अस्पतालों में रख-रखाव एवं दवाओं पर व्यय राशि को लेकर विधायक आतिफ अकील ने अधिकारियों पर विधानसभा में झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया। इस पर मंत्री विजयवर्गीय और अध्यक्ष श्री तोमर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि झूठी नहीं, असत्य कहेंं। हालांकि एक बार अतीक ने कहा कि झूठ को झूठ ही कहेंगे। इस पर श्री तोमर ने टिप्पणी ली, आरिफ भाई का बेटा है। मंत्री विजय शाह ने उत्तर में कहा कि सरकार गैस पीडि़तों के इलाज के लिए संवेदनशील है। 

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने देखी कार्यवाही 

मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरूवार को हरियाणा राज्य की विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण जी ने भी विधानसभा की कार्यवाही देखी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने अध्यक्षीय दीर्घा में उनकी उपस्थिति का उल्लेख करते हुए सदन की ओर से उनका स्वागत किया। वहीं नेेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी कांग्रेस विधायक दल की ओर से उनका स्वागत किया।