विशेष

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22.28 करोड़ वाहन चालकों से सालभर में वसूले 83.37 करोड़

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मप्र में पीओएस मशीनों से ई-चालान ने 72.66 प्रतिशत बढ़ाई पुलिस की समझौता राशि  

भोपाल। वाहनों के चालान के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा तीन साल पहले भोपाल से पायलेट प्रोजक्ट के रूप में शुरू किया गया पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों का उपयोग पूरी तरह सफल रहा है। इसके सहयोग से हो रहे ई-चालान न केवल आसानी और शीघ्रता से हो रहे हैं, बल्कि समन शुल्क के रूप में वसूली जाने वाली चालानी राशि भी 89.23 प्रतिशत बढ़ी है। हर साल चालानों के साथ ही वसूली जाने वाली  समझौता (समन) शुल्क की इस राशि में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। 

मध्यप्रदेश पुलिस ने 19 मई 2022 से पायलेट प्रोजक्ट के तहत भोपाल से पीओएस मशीन से ई-चालान की कार्यवाही शुरू की थी। 1 जनवरी 2024 से 31 दिसम्बर 2024 के बीच एक साल में पीओएस मशीन के माध्यम से प्रदेश में मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत कुल 22 लाख 28 हजार 073 चालान बनाए गए हैं, जो वर्ष 2023 की तुलना में 89.23 प्रतिशत अधिक हुए। इन चालानों से पुलिस ने 83 करोड़, 37 लाख, 99 हजार 200 रुपये राशि वसूली, जो वर्ष 2023 की तुलना में 72.66 प्रतिशत अधिक रही। अब प्रदेशभर में यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर पीओएस मशीन के माध्यम से ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है। 

सात शहरों में एनआईसी से जुड़ा ई-चालान सॉफ्टवेयर 

पीओएस मशीन के माध्यम से ई-चालान की कार्यवाही प्रदेशभर में चल रही है। लेकिन वर्तमान में ई-चालान सॉफ्टवेयर को एनआईसी के साथ भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और सतना के सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) से एकीकृत किया गया है, जिसके माध्यम से चालानी कार्यवाही की जा रही है। 

सीधे बैंक खातों में पहुंचती है चालान राशि 

पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदेशभर में पीओएस मशीन से किए जाने वाले सभी ई-चालानों की राशि सीधी बैंक खातों में पहुंचती है। इसके लिए तीन बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बैंक ऑफ इंडिया से पीओएस मशीन जारी किए जाने का अनुबंध हस्ताक्षर (एमओयू) हुआ है। इस अनुबंध में तहत प्रदेशभर के सभी जिलों में कुल 1828 पीओएस मशीन वितरित की गई हैं। इसके अलावा मैदानी अधिकारी व कर्मचारियों को पीओएस मशीन संचालित करने का प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा कैशलेश चालान प्रक्रिया की जा रही है। 

चालान काटकर भी वसूले 36.41 करोड़ 

पीओएस मशीनों के अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन पर वालन चालकों से भौतिक रूप से भी समन शुल्क वसूला गया है। पिछले साल अप्रैल से दिसम्बर 2024 के बीच कुल 9 माह में 36 करोड़, 41 लाख, 70 हजार 610 रुपये भौतिक रूप से चालान कर समन शुल्क के रूप में वसूले गए। 

हिट एण्ड रन के 124 प्रकरण, 1.93 करोड़ स्वीकृत

अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारकर भागने वाले प्रकरणों के लिए 1 अप्रैल 2022 से लागू की गई हिट एण्ड रन मोटरयान दुर्घटना प्रतिकार योजना के अंतर्गत दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये एवं मृत्यु पर परिजनों को 2 लाख रुपये केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाते हैं। मप्र में वर्ष 2024 में हिट एण्ड रन की घटनाओं में 86 मृतकों के लिए 1 करोड़, 74 लाख, 75 हजार रुपये एवं 38 घायलों के लिए  18 लाख 78 हजार 526 रुपये स्वीकृत किए हैं। 

जिलों को दिया दुर्घटनाएं में कमी का लक्ष्य 

यातायात के सुचारू संचालन एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) लगतार प्रयास कर रहा है। वर्ष-2024 में वेबपोर्टल-(द्धह्लह्लश्चह्य//ह्लह्म्ड्डद्घद्घद्बष्.द्वश्चश्चशद्यद्बष्द्ग.द्दश1.द्बठ्ठ) लाइव किया गया है। वर्ष 2023 की सडक़ दुर्घटनाओं के आंकड़ों को वार्षिक पुस्तक ‘मध्यप्रदेश में सडक़ दुर्घटनाएं वर्ष-2023’ का वर्ष-2024 में प्रकाशन किया गया। इसके अलावा सडक़ दुर्घटनाओं मे कमी लाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों को वार्षिक लक्ष्य दिया जाता है। वर्ष 2024 में प्रदेश के 22 जिलों, सतना, भोपाल ग्रामीण, अशोक नगर, आगर-मालवा, डिण्डौरी, नरसिंहपुर, हरदा, रीवा, झाबुआ, निवाड़ी, धार, दतिया, इंदौर ग्रामीण, मुरैना, बुरहानपुर, गुना, नर्मदापुरम, देवास, अलीराजपुर, रायसेन, शिवपुरी और खरगोन में पिछले विगत वर्ष की तुलना में वर्ष 2024 में 5 से 36 प्रतिशत तक की कमी आई। इसके अलावा जिलों में यातायात जागरुकता अभियान, यातायात के प्रति जनजागरुकता, यातायात जागरुकता रैली, नुक्कड़ नाटक, ‘बनो किसी की लाइफ का गुड सेमेरिटन’ जैसे अभियान चलाए जाते हैं।