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मप्र की प्रत्येक विधानसभा में स्थापित होंगे औद्योगिक क्षेत्र, एमएसएमई मंत्री ने बताईं विभागीय उपलब्धियां
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भोपाल। मध्यप्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में सर्वेक्षण में सामने आया है कि प्रदेश के 81 विधानसभा क्षेत्रों में एक भी औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। इन विधानसभा क्षेत्रों में भी औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण करेंगे। इस तरह मप्र की हर विधानसभा में कम से कम एक औद्योगिक क्षेत्र होगा। यह बात मप्र के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप ने मंगलवार को विभागीय उपलब्धियां बताने के लिए आयोजित पत्रकारवार्ता में कही। कश्यप ने विगत दो वर्षों में विभाग द्वारा किए गए कामों एवं आगामी तीन वर्ष के लक्ष्य एवं विकसित भारत-2047 के लक्ष्य भी बताए।
एमएसएमई विभाग में यह हुए नवाचार
औद्योगिक भू-खण्डों का आवंटन एवं प्रोत्साहन राशि के वितरण हेतु फेसलेस सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया विकसित की गई है। भूखंडों का आवंटन एवं सहायता/सुविधा की स्वीकृति हेतु प्रत्येक चरण की समय सीमा का निर्धारण किया है। सीएमसी के लिए भूमि आवंटन नियम में अमेनिटिक्स के रूप में भूमि प्रदान करने की सुविधा, शार्क टैंक इंडिया टीम के साथ अगस्त 2025 में स्टार्टअप्स हेतु देश में एक मात्र विशेष कार्यक्रम ओर प्रथम बार गोविंदपुरा में बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का विकास किया गया है।
अगले तीन सालों में यह करेगा विभाग
एमएसएमई को 5 हजार करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन सहायता, 30 नवीन निजी क्लस्टरों की स्वीकृति, 22 नवीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्वीकृति, 6 हजार विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में सीईटीपी की स्थापना, वर्तमान 6 हजार से अधिक स्टार्टअप की संख्या को दो गुना करने जैसे लक्ष्य शामिल हैं। इसके अलावा सौ नवीन इन्क्युबेशन सेंटर की स्थापना, मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना, मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर तथा सेटेलाइट सेंटर की स्थापना, डेढ़ लाख से अधिक स्व सहायता समूहों उद्यम पोर्टल अंतर्गत फर्मालाईजेशन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सब्सिडी युक्त प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेश की स्थापना, जीआई टैगिंग हेतु 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर कराना, स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30 हजार उद्यामियों को लाभान्वित करना एवं इंदौर और जबलपुर की टेस्टिंग लैब का उन्नयन।
विकसित भारत@2047 के लिए विभाग के लक्ष्य
एक करोड़ उद्यम पंजीकृत एमएसएमई की स्थापना, 2 करोड़ रोजगार सृजन, 61,256 करोड़ का निवेश, एमएसएमई में 25 प्रतिशत महिला नेतृत्व, 200 से अधिक एमएसएमई को एसएमई स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराना, वर्तमान अधिसूचित 207 औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाकर एक हजार करना, राज्य क्लस्टर योजना के अंतर्गत विकसित निजी क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर 150 करना, 10 हजार हरित ऊर्जा वाले एमएसएमई की स्थाना, 50 हजार से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बनाना, 7 हजार उत्पादन आधारित स्टार्टअप स्थापित करना, वित्तीय वर्ष 2046-47 में 3.90 लाख व्यक्तिों को स्व-रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य एवं एक लाख जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई स्थापित करने का प्रयास।
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