राजधानी

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दो सप्ताह समझेंगे मंत्री, इसके बाद ‘ई-कैबनेट’, मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुआ ई-कैबिनेट का प्रजेन्टेशन, मंत्रियों को बंटे टैबलेट

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भोपाल। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले ई-कैबिनेट का प्रजेन्टेशन हुआ। मुख्यमंत्री सहित मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों और मंत्रि-परिषद बैठक व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों के सचिवों को टैबलेट वितरित किए गए। अगले दो सप्ताह तक सभी मंत्री टैबलेट के उपयोग सहित ‘ई-कैबिनेट’ व्यवस्था को समझेंगे। दो बैठकों के बाद मंत्रि-परिषद की तीसरी बैठक ‘ई-कैबिनेट’ के रूप में होगी। 

ई-कैबिनेट व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी।

शुरूआत में एजेंडे की भौतिक कॉपी भी मिलेगी 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। शुरूआत में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूरी तरह डिजिटल रूप में ही भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी।

मंत्रि-परिषद के 66 साल के सभी निर्णयों का डिजीटलीकरण  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों का डिजीटलीकरण किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।