राजधानी

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कचरे की तरह सवारियां भरकर दौड़ रहे ऑटो, गिने-चुने मार्गों पर चल रहीं सिटी बसें, उनकी भी हालत खस्ता

राजधानी

भोपाल। ई-बसों के इंतजार में बैठे भोपाल वासियों के लिए शहर में सार्वजनिक परिवहन का टोटा है। अधिकांश मार्गों से बंद हो चुकीं सिटी (लाल) बसों के स्थान पर ऑटो और ई-रिक्शा महंगा किराया लेकर सवारियां ढो रहे हैं। खास बात यह है कि एमपी नगर से कोलार रोड तक के 40-50 रुपये वसूल रहे इन ऑटो में सवारियों को कचरे की तरह ठूंस-ठूंसकर भरा जा रहा है। 

कहां है राजधानी की यातायात पुलिस 

राजधानी में बिना हेलमेट वाले दो पहिया वाहन चालकों एवं एचएसआरपी एवं सीट बैल्ट बांधे बिना वाहन चलाने वाले चार पहिया वाहनों को पकडक़र चालानी कार्रवाई के लिए इन दिनों कई मार्गों पर पुलिस तैनात रहती है। जिन मार्गों पर यातायात पुलिस बैरीकेटिंग कर चालानी कार्रवाई करती है, उन्हीं मार्गों पर क्षमता से दो गुना से अधिक सवारियां भरकर दौड़ते इन सवारी ऑटो को यह पुलिसकर्मी नहीं पकड़ते हैं। इस तरह के ओवरलोड ऑटो की संख्या कोलार की ओर तेजी से बढ़ी है, क्योंकि इस मार्ग पर चलने वाली सिटी बस एसआर-8 करीब डेढ़ साल पहले बंद हो चुकी है। इसी प्रकार जिन मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन पर यह ऑटो खचाखच भरकर मोटा किराया वसूल रहे हैं। 


पहले चरण में पांच रूटों पर चलेंगी ई-बसें 

राजधानी भोपाल में इस साल मार्च-अप्रैल में ई-बसों का संचालन शुरू होने की संभावना है। इसके लिए शहर के पांच प्रमुख मार्ग चिन्हित किए गए हैं। निगम प्रशासन के अनुसार इन पांच मार्गों पर सौ बसों के संचालन से 80 हजार से ज्यादा यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।

एमपी की मुख्य सडक़ बनी अवैध ऑटो स्टैण्ड

एमपी नगर चौराहा पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा से रानी कमलापति और कोलार की ओर जाने वाली सडक़ पर मेट्रो पुल के नीचे करीब आधा सैकड़ा से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा हर समय अवैध रूप से खड़े देखे जा सकते हैं। सडक़ों पर खड़े वाहनों को उठाकर ले जाने वाली यातायात पुलिस आधी सडक़ घेरकर खड़े होने वाले इन ऑटो और ई-रिक्शा को हटवाने की कार्रवाई नहीं करती है।