विशेष

Image Alt Text

सरकार के मेला पंचांग में 1591 धार्मिक मेले शामिल

विशेष

 शिवरात्रि, हनुमान जयंती और डोल ग्यारस जैसे मेलों पर भी पैसा खर्च करती हैं मप्र सरकार


5 साल में मेलों और मंदिरों के विकास के लिए सरकार ने दिए 7.40 करोड़ 


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न धार्मिक मेलों के आयोजन के लिए बड़ी राशि खत्म करती है। सरकार के पंचांग में वर्तमान में ऐसे 1591 मेले शामिल हैं, जिनके लिए सरकार राशि देती है। विगत 4 वर्षों में सरकार ने ऐसे 126 धार्मिक मेलों का आयोजन किया है, जिनकी व्यवस्थाओं पर सरकार ने विगत 4 वर्षों में 7 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च की है। इसमें बड़ी राशि कुछ मंदिर परिसरों के विकास कार्य, निर्माण कार्य और लंबित भुगतानों के लिए भी राशि दी गई है।  

मप्र धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य विभाग अंतर्गत, मध्यप्रदेश तीर्थ-स्थान एवं मेला प्राधिकरण द्वारा 1 जनवरी 2020 से दिसम्बर 2024 के बीच विभिन्न मेलों के आयोजनों के लिए जो राशि दी गई है, उसमें परंपरागत धार्मिक मेलों के अलावा मंदिर विशेष पर आयोजित होने वाले मेले, जनजातीय धार्मिक मेले, जनजातीय क्रांतिकारी वीर शहीदों के लिए आयोजित मेले शामिल हैं। 


स्थानीय मेलों के लिए भी सरकार ने दी राशि 

- जिला श्योपुर: पनवाड़ा माता मेला

- जिला खरगोन: कालूजी महाराज मेला 

- जिला निवाड़ी: पृथ्वीपुर मेला

- जिला दमोह: चकेरी घाट मेला

- जिला शिवपुरी: गूदड़ी मेला 

- जिला झाबुआ: मकना बाबा मेला

- जिला झाबुआ: कलाबाबा मेला

- जिला शाजापुर: श्रीबाबा गरीबनाथ मेला

- जिला नर्मदापुरम: बाद्राभान मेला

- जिला मंदसौर: प्राचीन बाबा रामदेवजी मेला

्र- जिला दतिया: सनकुआ मेला सेंवढ़ा

- जिला शाजापुर: महिषासुर मर्दिनी मेला

- जिला खंडवा: संत बुखरदास बाबा एवं संत गुलाबदास बाबा मेला

- जिला शिवपुरी: माँ कैलादेवी गुदड़ी मेला

- जिला झाबुआ: माँ भद्रकली मवेशी मेला, ग्राम रायपुररिया

- जिला ग्वालियर: चौदस मेला, भदावना

- जिला श्योपुर: मंशापूर्ण हनुमान मेला, ग्राम महुआमान

- जिला अनूपपुर, खण्डवा, नर्मदापुरम: नर्मदा जयंती मेला, 

- जिला झाबुआ: वन मेला

अलग-अलग जिलों में यह धार्मिक मेले 

- श्रीराम प्रकटोत्सव (विजयादशमी) व रामनवमी मेला, दशहरा मेला, चैत्र नवरात्रि मेला, महा शिवरात्रि मेला, डोल ग्यारस मेला, हनुमान जयंती मेला, दशहरा मेला, नव संवत्सर मेला, मोरछट मेला, गंगा दशहरा मेला, दीपावली दौज मेला।  

जनजातीय धार्मिक एवं क्रांतिवीर मेले 

- भगोरिया मेला, सबरी माता मेला, मायापुर, शिवपुरी,जननायक क्रांतिकारी वीर शहीद टंट्या भील जयंति उत्सव मेला, खरगोन, टंटया भील मेला, खरगोन। 

सरकार ने लिया मंदिर विकास, उधारी पटाने का पैसा 

विगत 5 सालों में मप्र के 9 धार्मिक स्थलों के विकास, निर्माण कार्यों और लंबित देयकों के भुगतानों तक के लिए सरकार ने पैसा दिया है। इनमें सबसे ज्यादा राशि एक करोड़ 50 लाख रुपये दतिया जिले में माता रतनगढ़ मंदिर, समग्र विकास योजना के लिए दिया है। इसके अलावा तीर्थ यात्री सेवा सदन दतिया को फर्नीचर खरीदने के लिए 15 लाख रुपये और दीवार, बिजली-पानी की व्यवस्था के लिए 10 लाख रुपये दिए गए हैं। तीर्थ यात्री सेवा सदन आगर-मालवा को 16 लाख 94 हजार रुपये, पिपलेश्वर महादेव मंदिर, पुल पोख्ता, शाहजहानी पार्क, भोपाल को लंबित देयकों के भुगतान के लिए 3.50 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा प्राचीन महादेव मंदिर शिवगढ़, जिला झाबुआ को लंबित देयकों के भुगतान के लिए 1.83 लाख रुपये दिए गए। मालवा मेवाड़ की वैष्णो देवी भादवामाता मंदिर परिसर में सत्संग भवन निर्माण के लिए सरकार ने 30 लाख रुपये और माँ मंगलादेवी मंदिर, लहार, भिण्ड को लंबित देयकों के भुगतान के लिए 5 लाख रुपये दिए गए। इसी प्रकार नलखेड़ा, जिला आगर-मालवा में निर्मित तीर्थ यात्री सेवा सदन एवं विश्रामगृह के लिए 15 लाख रुपये सरकार ने दिए।