राजधानी

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राष्ट्रीकृत बैंकों को छोड़ निजी बैंक पर मेहरबान हुए अधिकारी

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निष्कासित ईडी अनुराधा सिंघई के फैसलों को धरातल पर उतारने में जुटा सेडमैप  

भोपाल। मप्र के युवाओं में कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मप्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत गठित उद्मिता विकास केन्द्र (सेडमैप) के अधिकारी इन दिनों एक निजी बैंक पर मेहरबान नजर आ रहे हैं। सेडमैप की ओर से सूचीबद्ध सभी एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवश्यक रूप से निजी बैंक आईसीआईसीआई में अपना/एजेंसी का खाता खोलें। 

उल्लेखनीय है कि सेडमैप विभिन्न इम्पैनल्ड एजेंसियों के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण, परामर्श एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है। साथ ही निजी एजेंसियों के माध्यम से ही विभिन्न विभागों को आउटसोर्स कर्मचारी भी उपलब्ध कराता है। निष्कासित एवं पूर्व प्रबंध निदेशक श्रीमती अनुराधा सिंघई की नियुक्ति एवं गड़बडिय़ों के उजागर होने से चर्चाओं में रहा सेडमैप एक बार फिर से चर्चाओं में आने की तैयारी में है। क्योंकि सेडमैप के अधिकारियों ने एक बार फिर से उन्हीं निर्णयों पर काम शुरू कर दिया है, जिो श्रीमती सिंघई के निजी हितों से जुड़े थे। 

तत्कालीन प्रबंध निदेशक श्रीमती अनुराधा सिंघई के कार्यकाल में एवं उनके दबाव व प्रभाव के चलते सेडमैप के बोर्ड ने आईटी इनेवल एकाउंटिंग फाईनेशियल मैनेजमेंट सिस्टम एवं ई-गवर्नेंस ऑफ सेडमैप सॉफ्टवेयर विकसित करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय में यह भी जोड़ा गया था कि इसके लिए सेडमैप में सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) एजेंसियों को अनिवार्य रूप से आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाना पड़ेगा। हालांकि श्रीमती सिंघई के निलंबन और बाद में निष्कासन के बाद यह फैसला अटका रहा। लेकिन आठ महीने बाद सेडमैप ने इस प्रस्ताव पर फिर से काम शुरू कर दिया है, साथ ही सभी एजेंसियों को आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 

एजेंसियों को जारी निर्देशों में क्या?  

उद्यमिता विकास केन्द्र के नोडल अधिकारी (वित्त) के हस्ताक्षर से सभी इम्पैनल्ड एजेंसियों के प्रबंधकों को जारी आदेश में लिखा गया है कि सेडमैप में आईटी इनेवल एकाउंटिंग एण्ड फायनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम एवं ई-गवर्नेंस ऑफ सेडमैप के अंतर्गत सॉफ्टवेयर विकास का काम पूर्णता की ओर है। सेडमैप मेेनपॉवर प्रभाग के कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोला गया है। आपके भुगतान संबंधी कार्य में सुगमता और सरलता लाने के लिए वेतन एवं अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति हेतु आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोला जाना है। 15 जनवरी 2025 को जारी इस आदेश के माध्यम से 2 दिवस के अंदर अपना/एजेंसी का बैंक खाता आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोलकर सेडमैप के नोडल अधिकारी को सूचित करने की बात लिखी गई है। 

सिंघई ने आईसीआईसीआई बैंक को ही क्यों चुना! 

विभागीय सूत्रों का कहना है कि अनुराधा सिंघई के कार्यकारी निदेशक रहते सेडमैप के बोर्ड ने सॉफ्टवेयर विकसित करने और सेडमैप सहित सभी सूचीबद्ध एजेंसियों का खाता आईसीआईसीआई बैंक में खुलवाने का निर्णय लिया था। श्रीमती सिंघई के पति अभिषेक सिंघई आईसीआईसीआई बैंक के प्रदेश स्तरीय बड़े अधिकारी हैं। इसलिए उन्होंने अपने दबाव और प्रभाव से बोर्ड में आईसीआईसीआई बैंक में ही एजेंसियों के खाते खुलवाने का निर्णय करवा लिया था। दूसरी बैंकों में खाता होते हुए भी एजेंसियों को आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाना ही पड़ेगा। 

‘मुझसे क्यों बात करना चाहते हैं। प्रमुख सचिव सेडमैप के चेयरमैन हैं। कार्यकारी निदेशक अम्बरीश अधिकारी हैं। मैं दो विभागों में उप सचिव हूँ। फिलहाल मेरी तबियत खराब है, मैं छुट्टी पर हूँ आपको जो भी बात करनी है चेयरमैन या ईडी से करें।’

श्रीमती रूवी खान, उप सचिव

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मप्र 


‘आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोले जाने का निर्णय संचालक मंडल (बोर्ड) का था, जो तत्कालीन ईडी श्रीमती अनुराधा सिंघई के समय में लिया गया था। चूंकि सॉफ्टवेयर विकसित होने में समय लगता है, इसलिए आदेश का पालन देरी से हो पा रहा है।’

प्रमोद श्रीवास्तव 

नोडल अधिकारी (वित्त) सेडमैप