राजधानी

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ब्लैकआउट होते ही 12 मिनट के लिए अदृश्य हुई राजधानी

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भोपाल में पांच स्थानों पर हुई आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल

भोपाल। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मप्र की राजधानी सहित पांच शहरों में क्षद्म अभ्यास (मॉकड्रिल) हुआ। जिसमें आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा तैयारियों के प्रदर्शन के साथ-साथ नागरिकों को भी बचाव और सुरक्षा के तरीके समझाए। शाम ठीक 7.30 बजे से 7.42 मिनट तक ब्लैकआउट रहा। इस दौरान लोगों ने स्वेच्छा से अपने घरों की रोशनी के साथ-साथ घरों के खिडक़ी दरवाजे भी बंद किए। इन 12 मिनट के लिए राजधानी में घनघोर अंधेरा नजर आया, लगा मानो राजधानी अदृष्य हो गई हो। 

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने 7 मई को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक देशभर के कुल 244 संवेदनशील शहरों में नागरिक सुरक्षा से संबंधित व्यापक आपदा प्रबंधन क्षद्म अभ्यास (मॉकड्रिल) आयोजित करने के निर्देश दिए थे। इसमें मध्यप्रदेश के कुल पांच शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी को शामिल किया गया। कलेक्टर के आदेश पर राजधानी भोपाल में चिन्हित पांच स्थानों पर मॉकड्रिल हुई। इन स्थानों पर विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव एवं सुरक्षा से संबंधित पूर्वाभ्यास किए गए। 

भोपाल में इन पांच स्थानों पर हुआ मॉकड्रिल 

भेल क्षेत्र: यहां पड़ताल एवं बचाव (सर्च एवं रेस्क्यू) अभ्यास किया गया। 

 डीबी मॉल : एमपी नगर स्थित इस बहुमंजिला एवं विशाल इमारत में अग्निशमन, बचाव और घायलों की निकासी का अभ्यास किया गया। इसमें पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दमकल एवं एनडीआरएफ टीम के साथ अभ्यास किया। 

 तुलसी नगर: यहां अस्थायी अस्पताल स्थापित कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। 

 न्यू मार्केट: यहां लोगों की सुरक्षित निकासी कर पुलिस लाइन तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। 

कोकता मल्टी: यहां भवन ध्वस्तीकरण के दौरान निकासी और बचाव अभियान का अभ्यास किया गया। 

एनडीआरएफ ने समझाए बचाव सुरक्षा के तरीके 

डीडी मॉल में अग्नि सुरक्षा उपायों की मॉकड्रिल के दौरान एनडीआरएफ ने आम नागरिकों को समझाया कि युद्ध अथवा अन्य आपात स्थिति में तलघर सबसे सुरक्षित स्थान होता है। स्थिति सामान्य नहीं होने तक लोग अपने साथ 4-5 दिन की भोजन सामग्री, पानी, पहचान पत्र, बैंक पासबुक आदि साथ लेकर तलघरों में रुकें। 

मॉल में इस तरह हुआ मॉकड्रिल 

भोपाल में अचानक हुए हवाई हमले के बाद डीबी मॉल में आग लग गई।  हमले के बाद भगदड़ के हालात बन गए, इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली तो तत्काल घटना स्थल पर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, दमकल एवं एम्बूलेंस के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पहुंचे। हालात पर काबू करने एवं घायलों के बचाव का काम शुरू हुआ। इस दौरान दमकल अमले ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया साथ ही घायलों के बचाव का काम शुरू किया गया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस हालात पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रही थी। पूरे मॉल को कुछ समय के लिए बंद करके प्रतिबंधित क्षेत्र बना दिया गया। इस तरह भोपाल में मॉक ड्रिल संपन्न हुई।

ब्लैकआउट में सडक़ों पर थमे वाहन 

शाम 7.30 बजे से 7.42 बजे तक कुल 12 मिनट के ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान राजधानी की सडक़ों पर चल रहे अधिकांश लोगों ने सायरन बजते ही वाहनों को एक जगह खड़ा कर लिया और वाहनों की बत्तियां बंद कर दीं। वहीं घरों में भी कई लोगों ने सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए घर की बिजली एवं खिडक़ी दरवाजे बंद किए। 7.42 बजे दूसरा सायरन बजने पर वाहन आगे बढ़े और लोगों ने द्वार खोलकर घर की बिजली चालू की।