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आवारा कुत्तों पर सदन में हास्य, व्यंग्य और हंगामेदार चर्चा, मंत्री ने स्वीकारा श्वान जन्मदर की अपेक्षा अधूरी हैं सरकार की तैयारियां
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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक आतिफ अकील के ध्यानाकर्षण पर सदन में हास्य, व्यंग्य के बीच हंगामेदार चर्चा हुई। सत्ता और विपक्ष के बीच व्यंग्यवाण भी खूब चलेे। विधायक भंवर सिंह शेखावत ने मंत्री विजयवर्गीय को कुत्तों का प्रभारी मंत्री कह दिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सनातन परंपरा में अंतिम रोटी कुत्ते को डाले जाने की बात कही तो पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने इस प्रजाति को ही खत्म करने की बात कह डाली। उप मुख्यमंत्री एंटी रैबीज इंजेक्शन एवं इसकी गुणवत्ता में कमी को नकारते हुए, कुत्ते द्वारा काटे हुए लोगों के देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण मौत की बात कही।
विधायक आतिफ अकील ने राजधानी भोपाल में आवारा कुत्तों की निरंतर बढ़ती संख्या पर अंकुश नहीं लगाए जाने को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था। जवाब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को देना था, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘सत्र का पहला ध्यानाकर्षण है। जवाब कुत्तों पर देना है, सारे कुत्तों से मुझे निपटना पड़ता है।’ कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या के सवाल पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने ‘जनसंख्या तो किसी और की भी बढ़ रही है।’व्यंगात्मक टिप्पणी की। इस पर विधायक अजय सिंह सहित अन्य विधायकों ने आपत्ति ली। अजय सिंह की आपत्ति के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ‘बात नशबंदी की आएगी तो इंदिरा तक जाएगी, सुनने वाले सुन लें।’
श्वानों की प्रजनन क्षमता बहुत अधिक
विधायक अकील ने कहा कि आवारा कुत्ते लगातार बच्चों पर हमले कर रहे हैं। कब्रिस्तान के पास कुत्तों का अड्डा है। 50-50 कुत्ते घूम रहे हैं। सेल्टर हाउस में नियंत्रण के उपाय नहीं किए जा रहे हैं, लगातार इनकी संख्या बढ़ रही है। आवारा कुत्तों की नशबंदी कागजों पर की जा रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मानव-श्वान सामुदायिक प्राणी के रूप में लम्बे समय से साथ रहा है। मानव-श्वान संघर्ष लगातार बढ़ रहे हैं। नगरीय निकाय इन आवारा श्वानों को पकडऩे और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप नशबंदी के बाद लगातार उन्हीं क्षेत्रों में छोडऩे का काम कर रहे हैं। लेकिन एक मादा श्वान प्रतिवर्ष औषतन 10 बच्चों को जन्म दे रही है। इस क्रम में निकायों के पास अनुबंधित एनजीओ और पशु चिकित्सकों की संख्या कम है। सरकार इसे भोपाल सहित प्रदेशभर में बढ़ाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कुत्तों से संबंधित मामलों में चार विभाग सम्मलित प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के सभी जिला स्तरीय नगरीय निकायों को जरूरत अनुसार नए एबीसी केंद्र खोलने और श्वान आश्रय स्थल बनाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रदेश के 16 नगरीय निकायों में 19 श्वान नसबंदी केंद्र संचालित हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि साल 2023 में श्वान नसबंदी केंद्रों की संख्या 1 से बढ़ाकर 3 की गई। नसबंदी कार्य ऑनलाइन टेंडर के जरिए चयनित, भारत सरकार की एनिमल वेलफेयर बोर्ड से मान्यता प्राप्त एनजीओ द्वारा पशु चिकित्सकों की निगरानी में कराया जा रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. के अनुसार भोपाल शहर में एंटी-रेबीज वैक्सीन के 5,023 इंजेक्शन उपलब्ध हैं, इसलिए यह कहना सही नहीं है कि शहर में वैक्सीन की उपलब्धता नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले मौतों के लिए मरीज दोषी
कुत्ते के काटने के बाद रैबीज से हुई मौतों पर उप मुख्यमंत्री (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि कुत्ते के काटने के बाद पीडि़त मरीज लापरवाही करते हैं और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते। वे केश बिगडऩे के बाद अस्पताल जाते हैं।इसलिए मौत हो रही हैं। अस्पतालों में न तो एंटी रेबीज की कमी है और न ही इनकी गुणवत्ता में कोई कमी है।
90 करोड़ लोगों को सरकारी राशन, श्वान नश्ल ही खत्म हो
मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा, जब 80 करोड़ लोगों को सरकार भोजन दे रही है। ऐसी स्थिति में श्वान की आवश्यकता क्या है। लोग 2-4 हजार की खुराक एक श्वान पर खर्च कर रहे हैं। ये नश्ल ही खत्म कर दो, इनको खत्म करो। इसकी जरूरत ही क्या है?
कार्डधारी को जॉब नहीं तो माफी मांगूंगा:प्रहलाद
विधायक अजय विश्नोईके ध्यानाकर्षण पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश में कोई ऐसा जॉबकार्ड धारी नहीं है, जिसे मनरेगा में जॉब नहीं मिल रहा है। अगर कोई ऐसा मिला तो मैं माफी मांगने को तैयार हँू। लेकिन कोई काम नहीं करना चाहते तो क्या करें।
इन विधायकों ने पूछे प्रश्न
प्रश्नकाल के दौरान श्रीमती सेना पटेल ने अलीराजपुर में मनरेगा योजना से कामों के संबंध में, श्रीमती अनुभा मुंजारे ने ग्राम पंचायतों के संलग्नीकरण के संबंध में, श्रीमती उमादेवी खटीक ने दमोह में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के क्रियान्वयन के संबंध में, श्रीमती चंदा गौर ने एन.एफ,एस.एम के तहत बीजों के प्रदाय के संबंध में, धनश्याम चंद्रवंशी ने ग्राम खेल मैदान एवं खेल सामग्री के संबंध में केशव देसाई ने तिलहन संघ सेवायुक्तों को वेतनमान नहीं मिलने के संबंध में और मुकेश मल्होत्रा ने श्योपुर जिले से आदिवासी परिवारों का पलायन रोकने के संबंध में मंत्रियों से सवाल पूछे।
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