राजनीति

Image Alt Text

स्कूल शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने की टेंडरों की निष्पक्ष जांच की मांग

राजनीति

भोपाल। मप्र कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने 2023 से 2025 के बीच हुए टेंडरों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। साथ ही 2026 में जारी नए टेंडरों पर भी वही खेल दोहराए जाने की आशंका जताई है। मीडिया से बात करते हुए श्री नायक ने दावा किया है कि 2023 में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कंप्यूटर, यूपीएस और प्रिंटर खरीदी के लिए निकाले गए टेंडर की लागत अचानक दोगुनी कर दी गई। आरोप है कि तकनीकी शर्तें ऐसी बनाई गईं कि प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और उपकरण बाजार कीमत से 200 से 250 प्रतिशत तक महंगे खरीदे गए।

2025 में भी दोहराया था वही पैटर्न

श्री नायक ने 2025 में इंटरएक्टिव बोर्ड की खरीदी में भी इसी तरह की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। कहा गया कि 60-70 हजार रुपए के उपकरण 1 लाख रुपए से ज्यादा में खरीदे गए। टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी शर्तों के जरिए सीमित कंपनियों को ही फायदा पहुंचाने की बात कही गई।

टेंडर से बाहर कंपनी, उसी का सामान सप्लाई

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि जिस एसीईआर  कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से बाहर बताया गया, अंत में उसी के उपकरणों की सप्लाई की गई। इसे टेंडर प्रक्रिया को  ‘सिर्फ औपचारिकता’ करार दिया। और पूरे मामली कां निष्पक्ष जांच की मांग की।