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सोम डिस्टलरीज के 350 करोड़ के शेयरों की खरीद-विक्री पर जारी रहेगी रोक

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सर्वोच्च न्यायालय ने मप्र उच्च न्यायालय के आदेश पर लगाई रोक 

भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय ने मप्र उच्च न्यायालय के एक अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें सोम डिस्टिलरीज ब्रुअरीज एंड वाइनरीज लिमिटेड से जुड़े 350 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों को जारी करने और बेचने की अनुमति दी गई थी। यह शेयर कंपनी कर्मचारियों के नाम पर खरीदे गए थे, जिन्हें आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति निषेध इकाई (बीपीयू) ने बेनाम संपत्ति मानकर अनंतिम रूप से कुर्क किया था। 

सर्वोच्च न्यायालय का यह स्थगन आदेश आयकर विभाग (बीपीयू) द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया है।  जिसमें बाना सिंह बनाम भारत संघ और अन्य द्वारा (डब्ल्यूपी संख्या 9187/2025) के माध्यम से उच्च न्यायालय द्वारा सोम डिस्टलरीज को दी गई अंतरिम राहत को चुनौती दी गई थी। प्रकरण सोम डिस्टिलरीज ब्रुअरीज एंड वाइनरीज लिमिटेड के 1.2 करोड़ रुपये कीमत के सूचीबद्ध शेयरों से संबंधित हैं। मार्च 2025 तक 380 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ये शेयर बेनामी संपत्ति पाए गए, जिनका वास्तविक स्वामित्व सोम डिस्टिलरीज के प्रमोटर-निदेशक जगदीश कुमार अरोड़ा के पास था।

अपीलीय अधिकरण ने की कुर्की की पुष्टि 

आयकर विभाग द्वारा बेनामी शेयरों पर कार्रवाई करते हुए पीबीपीटी अधिनियम की धारा 24(4) के तहत आईओ द्वारा इनकी अनंतिम कुर्की की गई। फरवरी 2025 में धारा 26 (3) के तहत न्यायाधिकरण मुंबई ने इसकी पुष्टि की गई थी। अधिनियम के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील करने के बजाय, कथित बेनामी शेयरधारकों की ओर से उच्च न्यायालय के समक्ष पीबीपीटी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को ही चुनौती दी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 27 मार्च 2025 के अपने आदेश में कुर्क किए गए बेनामी शेयरों को जारी किए जाने और बेचने की अनुमति दी। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय की कार्रवाई को वैधानिक शक्तियों के परे बताया और अगली सुनवाई तक मप्र उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में दिए गए फैसले पर रोक लगा दी।