राजधानी

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पत्थर शिल्प से पीढिय़ों तक पहुंचेगा हमारा गौरवशाली इतिहास

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मुख्यमंत्री ने किया राजधानी में ‘भोज-नर्मदा द्वार’ का भूमिपूजन, बोले

भोपाल । आने वाली पीढिय़ों को अपने इतिहास से परिचित कराना है, इसलिए नई शिक्षा नीति आने के बाद पुस्तकों में बदलाव हुआ है। उसमें देश और प्रदेश से जुड़े प्रसंगों को शामिल किया जा रहा है। पत्थर शिल्प के माध्यम से हमारा इतिहास आनेवाली पीढ़ी तक पहुंचे, इसलिए इस तरह के द्वारों का निर्माण कराया जा रहा है। राजधानी भोपाल में 9 द्वारों का निर्माण किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को राजधानी भोपाल के ग्यारह मील के पास समरधा में ‘भोज-नर्मदा द्वार’ का भूमिपूजन अवसर पर कही। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 लागू होने के बाद हमारे गौरवशाली इतिहास से जुड़ी कई घटनाएं और प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। आने वाले समय में राजा भोज, मां नर्मदा सहित अवंतिका और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पाठ्यपुस्तकों में जोड़ी जाएंगी। 

पत्थर शिल्प से उकेरी जाएंगी माँ नर्मदा जुड़ी घटनाएं 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज की नगरी में उनसे जुड़ा इतिहास और मां नर्मदा के प्रवाह और उद्गम सहित अन्य इतिहास से जुड़ी घटनाओं और कथाओं को पत्थर शिल्प के जरिए उकेरा जाएगा, ताकि आनेवाली पीढियों को इसकी जानकारी हो सके। पत्थरों के द्वार से भी इतिहास गौरान्वित होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के बीच उज्जैन में बना द्वार इन ज्योर्तिलिंग से जुड़े शहरों के इतिहास को पत्थर शिल्प के माध्यम से बताता है, इसलिए इसका नाम मृत्युंजय नाम दिया।  मुख्यमंत्री ने राजा भोज के पराक्रम और उनके पिता सिंधुराज और बड़े भाई मुंज से जुड़ी कथा सुनाई और मुंज द्वारा राजा भोज को मारने की साजिश और उसके बाद होनेवाले पश्चाताप से जुड़ा प्रसंग सुनाया।

अयोध्या, बनारस, उज्जैन मोक्षदायिनी नगरी 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृत्यु के बाद मोक्ष देने वाली नगरी अयोध्या, बनारस और उज्जयनी है। उज्जैन का 5 हजार साल पुराना इतिहास है। पत्थरों पर उज्जैन का इतिहास बताया। मैं प्रयास कर रहा हूं पूरे भोपाल का इतिहास पत्थरों के माध्यम से इतिहास आना चाहिए। एक-एक द्वार मां नर्मदा का उद्गम, राजा भोज का गौरवशाली पृष्ट क्या है। पत्थर शिल्प क्या है। 

भारत की सेना की कार्रवाई प्रशंसनीय 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि भारत की सेना ने पाकिस्तान को जो पटकनी दी है, वह प्रशंसनीय है। पहली बार बहन सोफिया और व्योमिका ने संसार के सामने भारत की सेना द्वारा की गई साहसिक कार्रवाई को रखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इसके लिए धन्यवाद। 

 भोपाल ननि का नीमच में सोलर प्लांट उद्घाटित 

कार्यक्रम के दौरान ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित सौर ऊर्जा संयत्र का लोकार्पण किया। इस संयत्र के माध्यम से 10 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आने वाले समय में नगर निगम भोपाल 200 मेगावॉट तक बिजली का उत्पादन करेगा। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति उपस्थित रहे।

 महापुरुषों के नाम पर बनेंगे भोपाल के सभी 9 प्रदेश द्वार 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश की पहचान हमारे वीर शासकों से रही है। मध्यप्रदेश का गौरव रहे सम्राट विक्रमादित्य को आज भी न्यायप्रियता, पराक्रम और लोक कल्याण के लिये जाना जाता है। वहीं राजा भोज को महान शिक्षक और योद्धा के रूप में याद किया जाता है। ऐसे में हमारी सरकार ने तय किया है कि हमारे गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाने की आवश्यकता है। इसलिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर राजा भोज, विक्रमादित्य जैसे महापुरूषों के नाम से 9 द्वार बनाये जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास हमें पुन: उसी दौर में ले जाएं, जिससे मध्यप्रदेश और देश गौरवान्वित हुआ। राजधानी भोपाल को नया स्वरूप भी मिलेगा।