मध्यप्रदेश

Image Alt Text

मप्र पुलिस को मिले तीन राष्ट्रीय स्कॉच पुरस्कार, ‘नशे सू दूरी है जरूरी’अभियान, ई-समन/वारंट मॉड्यूल और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए सम्मान

मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस को जन-जागरूकता, डिजिटल गवर्नेंस एवं साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट, नवाचार एवं प्रभावी कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के तीन बड़े पुरस्कार मिले हैं। 28 मार्च को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 106वें ई-समन/वॉरंट मॉड्यूल 2026 कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस को तीन प्रतिष्ठित स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जन-जागरूकता अभियान को नशीले पदार्थों के विरुद्ध व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने एवं युवाओं को जागरूक करने के लिए सम्मानित किया गया। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक प्रदेशभर में संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत बैनर-पोस्टर, एफएम रेडियो, डिजिटल मीडिया, ई-शपथ, रैली, नुक्कड़ नाटक, व्याख्यान एवं परामर्श शिविर जैसे विविध माध्यमों से व्यापक जागरूकता फैलाई गई। अभियान के दौरान कुल 15,143 कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 22.29 लाख नागरिकों एवं विद्यार्थियों तक प्रभावी संदेश पहुंचाया गया। इस उपलब्धि के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) डी. श्रीनिवास वर्मा ने यह सम्मान प्राप्त किया। 

डिजीअल पुलिसिंग के लिए स्कॉच पुरस्कार 

इसी क्रम में डिजिटल गवर्नेंस एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए विकसित ‘ ई-समन/वारंट मॉड्यूल-अपराधिक न्याय प्रणाली में प्रमुख सुधार’परियोजना को भी स्कॉच अवार्ड  से सम्मानित किया गया। इस परियोजना ने आपराधिक न्याय प्रणाली में न्यायालय एवं पुलिस के मध्य समन/वारंट प्रक्रिया को पूर्णत: डिजिटल, त्वरित एवं पारदर्शी बनाकर एक महत्वपूर्ण सुधार किया है। पुलिस महानिरीक्षक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो हरिनारायणचारी मिश्र ने यह सम्मान प्राप्त किया। 

सायबर अपराधों की रोकथाम व पहचान के लिए सम्मान 

इसके अतिरिक्त, पुलिस आयुक्त कार्यालय भोपाल को ‘सायबर अपराधों की रोकथाम एवं पहचान’परियोजना के लिए ‘पुलिस एवं सुरक्षा’ श्रेणी में स्कॉच सम्मान मिला है।  भोपाल पुलिस द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं अन्वेषण में किए गए नवाचार, तकनीकी सुदृढ़ीकरण एवं परिणामोन्मुख कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इस उपलब्धि का सम्मान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) शैलेन्द्र सिंह चौहान ने प्राप्त किया ।