राजधानी

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पुरातत्व के अनुसार उज्जैन देश का केन्द्र

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भोपाल में वर्चुअल संग्रहालय, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन, कहा 

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर रविवार को भोपाल के स्टेट म्यूजियम में ‘संग्रहालय मेला’ आयोजित किया गया। मेले का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुरातत्व के मुताबिक उज्जैन देश का केंद्र है। उज्जैन के कई सिक्के विदेश तक में मशहूर हैं। सिक्कों पर राजा का चिह्न बदलता रहा, पर महाकाल के मंदिर का चिन्ह हमेशा रहा।

11 पुस्तकों और समाचार पत्र का विमोचन 

 अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के पहले इमर्सिव हेरिटेज म्यूजियम का शुभारंभ किया। म्यूजियम में ओरछा को 360 डिग्री पर वर्चुअल देखा जा सकता है। इसके अलावा मॉन्यूमेंट ऑफ ओरछा समेत पुरातत्व विभाग से जुड़ी 11 पुस्तकों का विमोचन किया। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के समाचार पत्र के दूसरे संस्करण और वाकणकर शुभंकर का विमोचन किया।

देश का पुरातात्विक इतिहास संजो रही सरकार 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने प्रयास किया है कि 12 कुंभ के हिसाब से 12 राशियों को एक साथ लाया जाए। सरकार लगातार देश के पुरातत्व इतिहास को संजोए रखने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में बताया गया कि मध्य प्रदेश में एक चौथाई यूनेस्को साइड हैं। प्रदेशभर में 24 म्यूजियम हैं, जिसमें से सात राज्य स्तरीय हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक विभाग के अलग म्यूजियम हैं। वहीं बुरहानपुर में नया म्यूजियम खोला जा रहा है। इसके साथ ही दमोह में भी रानी दुर्गावती से जुड़ा म्यूजियम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल केंद्र संग्रहालय की ऐसी सैर कराएगा, जैसी आपने पहले कभी नहीं की होगी। बिना किसी गाइड या फिजिकल मूवमेंट के आप एक इंटरेक्टिव और इमर्सिव तकनीक के जरिए संग्रहालय की गहराई में उतर सकेंगे। संग्रहालय दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में कई ऐतिहासिक कार्यक्रम हो रहे हैं।

सौर परंपरा पर दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शनी 

इतिहास और कला प्रेमियों के लिए एक और खास आकर्षण है। भारत की सौर परंपरा पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी। यहां आपको देश के प्रमुख सूर्य मंदिरों और उनसे जुड़ी कलात्मक मूर्तियों की झलक देखने को मिलेगी। यह प्रदर्शनी हर दिन सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक आमजन के लिए नि:शुल्क खुली रहेगी। 

दूसरे शहरों में भी होंगे उत्सव

ग्वालियर: मोती महल में ‘अतीत से भविष्य के सेतु: हमारे संग्रहालय’ विषय पर व्याख्यानमाला

इंदौर: ‘विंटेज इंदौर’ विषय पर प्रदर्शनी और सेमिनार

जबलपुर: ‘कृषि संस्कृति में बलराम’ विषयक प्रदर्शनी और ‘धरोहर’ पर व्याख्यानमाला।