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राजनीति में बांटे जा रहे संत-महापुरुष , आंबेडकर बसपा तो स्वामी विवेकानंद भाजपा के हो गए : युवा विधायक सम्मेलन में बोले एमआईटी पूना के चेयरमैन
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भोपाल। युवाओं को प्रशिक्षण लेकर राजनीति में आना चाहिए। पढ़े-लिखे होंगे तो अलग तरह की प्रगतिशील और सकारात्मक राजनीति के बारे में सोचेंगे।उनके कार्य-व्यवहार का तरीका अलग होगा। लेकिन वर्तमान की हकीकत यह है कि हर व्यक्ति को जात ढूंढने की जरूरत पड़ती है। संत और महापुरुष भी जाति के आधार पर बांटकर पार्टियों के अभियानों में उपयोग किए जा रहे हैं। बसपा ने डॉ आंबेडकर को, शिवसेना ने शिवाजी महाराज को तो स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों कई संतों भाजपा का दिखाने का प्रयास होता है। यह बात एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड़ ने मंगलवार को मप्र विधानसभा में मप्र, छग और राजस्थान के युवा विधायकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
अहं के कारण राज्य नहीं अपनाते अच्छी नीति
डॉ. राहुल कराड ने कहा कि कई छोटे और पिछड़े राज्यों में अच्छे नवाचार होते हैं, लेकिन अहं (ईगो) के कारण बड़े राज्य उन्हें नहीं अपनाते। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में निजी विश्वविद्यालय की नीति 20-25साल पहले बन गई थी, लेकिन में यह 7-8 साल पहले शुरू हो सकी हैं। राज्यों के बीच अच्छी नीतियों का आदान प्रदान होना चाहिए।
एआई के लिए बनाना होगा अलग मंत्रालय
डॉ. राहुल कराड ने कहा कि हमें तेजी से आगे बढऩा है तो आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) को अपनाना ही होगा। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर एआई मंत्रालय बनाने पर शीघ्र और गंभीरता से विचार करना होगा।
विधायिका कमजोर तो बेलगाम हो जाएगी अफसरशाही
डॉ. राहुल ने कहा कि लोकतंत्र की कार्यपालिका इकाई बेलगाम घोड़े की तरह है। अगर सवार कमजोर होगा तो ब्यूरोक्रेसी बेलगाम हो जाएगी। उन्होंने सभी विधायकों को सुझाव दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचारों के बारे में सोचें। उन्होंने मानसिक, शारीरिक स्वास्थ्य तथा पारिवारिक संतुष्टि पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति नहीं
डॉ. राहुल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे पर सभी को गंभीर होना चाहिए। इस पर राजनीति नहीं होना चाहिए। सभी पार्टियों के अध्यक्षों को साथ बैठकर इस पर विचार करना चाहिए।
नेतृत्व क्षमता विकसित करने स्थापित हों स्कूल
डॉ .राहुल कराड ने कहा कि देश में नेतृत्व क्षमता विकसित करने वाले स्कूल स्थापित होना चाहिए।इससे हजारों शिक्षित युवा बच्चे राजनीति में आएंगे तो देश को प्रगतिशील, सक्षम और सशक्त नेतृत्व मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने डॉ. राहुल कराड़ के विचारों की प्रशंसा करते हुए, उनके सुझावों पर उचित विचार करने का आश्वासन दिया।
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