मध्यप्रदेश

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किसानों पर मूलधन से ज्यादा ब्याज बकाया, 38 जिला सहकारी बैंकों को किसानों से वसूलना है 2266 करोड़ से ज्यादा राशि

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भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों पर प्रदेश की 38 जिला सहकारी बैंकों की 2266 करोड़ से अधिक वसूली शेष है। खास बात यह है कि किसानों द्वारा लिए गए ऋण की राशि से ज्यादा बैंकों का ब्याज बकाया है। अधिकांश प्रकरणों में ब्याज की राशि मूलधन से चार गुना तक अधिक है। जबकि कई प्रकरणों में 6-7 गुना और एक प्रकरण में ब्याज की राशि मूलधन से 44 गुना अधिक हो चुकी है। 

मप्र सहकारिता विभाग से फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 10 संभागों की 38 जिला सहकारी बैंकों का किसानों पर कुल 2266.89 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें मूलधन कुल 484.27 करोड़ एवं ब्याज 1782.62 करोड़ रुपये है।


इन सहकारी बैंकों का भी करोड़ों बकाया

नर्मदापुरम - 66.01 करोड़, बैतूल- 31.74 करोड़, रायसेन-50.89 करोड़, विदिशा-187.26 करोड़, राजगढ़ - 40.93 करोड़, सिवनी-19.24 करोड़, इंदौर- 64.64 करोड़, खरगोन-52.18 करोड़, धार-38.03 करोड़, सागर-45.92 करोड़, छतरपुर-75.28 करोड़, दमोह- 38.96 करोड़, रीवा- 58.24 करोड़, ग्वालियर-41.14 करोड़, दतिया-42.07 करोड़, शिवपुरी-43.93 करोड़, देवास-96.72 करोड़, शाजापुर-44.14 करोड़, रतलाम-19.12 करोड़, मंदसौर-31.85 करोड़, शहडोल-19.82 करोड़, भिण्ड-149.02 करोड़।